नई दिल्ली। अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी के मुद्दे को लेकर शुक्रवार को संसद परिसर में विपक्ष ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। संसद भवन के मकर द्वार के पास हुए इस प्रतीकात्मक प्रदर्शन में पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव पुजारी के वेश में दानपेटी के साथ बैठे नजर आए, जबकि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने श्रद्धालु की भूमिका निभाते हुए दानपेटी में पैसे डाले।
प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने पप्पू यादव के पास दानपेटी रखी। इसके बाद राहुल गांधी समेत विपक्ष के कई सांसदों ने उसमें सांकेतिक रूप से धनराशि डाली। इसी दौरान पप्पू यादव ने दानपेटी में डाले गए पैसे अपनी जेब में रख लिए और फिर दानपेटी लेकर आगे बढ़ गए। विपक्षी सांसदों ने इसे कथित चढ़ावा चोरी के आरोपों को लेकर प्रतीकात्मक प्रदर्शन बताया। विपक्ष ने इस प्रदर्शन के जरिए केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए मामले पर संसद में चर्चा और जवाबदेही तय करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी भी की।
संसद के भीतर भी इस मुद्दे समेत अन्य विषयों को लेकर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। हंगामे के चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक स्थगित की गई। कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भी विरोध जारी रहा। इस दौरान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में जन्म-मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया, जिसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। लगातार हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही 3 अगस्त तक और राज्यसभा की कार्यवाही भी 3 अगस्त सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई।
इस बीच संसद परिसर में विरोध-प्रदर्शन के तौर-तरीकों को लेकर लोकसभा सचिवालय और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सख्त रुख अपनाया है। सचिवालय ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में संसद परिसर में वेशभूषा बदलकर या नाटकीय शैली में किए जाने वाले प्रतीकात्मक प्रदर्शनों की अनुमति नहीं दी जाएगी। लोकसभा अध्यक्ष ने भी इस प्रकार के प्रदर्शन पर नाराजगी जताते हुए नियमों का सख्ती से पालन कराने की बात कही।
