ओडिशा। उडाला सब-डिविजनल हॉस्पिटल में इलाज को लेकर गंभीर लापरवाही के आरोप सामने आए हैं। एक मरीज ने दावा किया है कि उसे स्किन की बीमारी के इलाज के दौरान एक्सपायर हो चुकी दवा दी गई और साथ ही गलत उपचार भी किया गया। इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला Udala Sub-Divisional Hospital से जुड़ा है। मरीज लॉरेंस खांडेई, जो खलाडी गांव के निवासी हैं, खुजली और त्वचा में घाव की समस्या के बाद अस्पताल पहुंचे थे। डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें दवाएं लिखी गईं और इलाज शुरू किया गया।
लेकिन आरोप के अनुसार, घर लौटने के बाद जब खांडेई ने डॉक्टर द्वारा लिखी गई क्लोट्रिमेज़ोल लोशन का उपयोग करने की तैयारी की, तो उन्हें पता चला कि दवा की एक्सपायरी डेट पहले ही 2025 से आगे निकल चुकी थी। इस बात से वह और उनका परिवार चिंतित हो गया और उन्होंने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। मामले को और गंभीर बनाते हुए मरीज ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी त्वचा की बीमारी के लिए सही दवा देने के बजाय उन्हें समान कंपोज़िशन वाले ईयर ड्रॉप्स दिए गए, जिससे इलाज को लेकर भ्रम और असंतोष की स्थिति पैदा हो गई।
इस घटना के बाद इलाके में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है और लोग अस्पताल की दवा सप्लाई और प्रिस्क्रिप्शन प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। सब-डिविजनल मेडिकल ऑफिसर ने कहा कि जिस दवा को लेकर विवाद हो रहा है, उसका उल्लेख आधिकारिक प्रिस्क्रिप्शन में नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि यह दवा उडाला अस्पताल द्वारा जारी नहीं की गई थी। फिलहाल मामले की जांच की मांग उठ रही है, और स्थानीय प्रशासन से इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच करने की अपेक्षा की जा रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
