रायपुर। ग्राम तर्रा स्थित निर्माणाधीन ‘अग्र सेवा गौशाला’ में सेवा और समर्पण का एक नया अध्याय शुरू हुआ है। हाल ही में आयोजित आम सभा में संस्था के पदाधिकारियों और दानदाताओं की गरिमामयी उपस्थिति में न केवल नई योजनाओं पर मुहर लगी, बल्कि सेवा के प्रकल्पों को विस्तार भी दिया गया।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण नवनिर्मित शेड क्रमांक-1 का उद्घाटन रहा, जिसका शुभारंभ मुख्य सहयोगी अशोक अग्रवाल (नंदन स्टील) ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया। इस अवसर पर ‘गौ माता की जय’ के जयघोष और पुष्पवर्षा के बीच 51 गौमाताओं का मंगल प्रवेश कराया गया। उपस्थित गौभक्तों ने चंदन, अक्षत और आरती से पूजन कर गौमाताओं को हरा चारा, गुड़ और रोटियां खिलाकर पुण्य लाभ कमाया।

संस्था की इस बैठक में केवल गौ-सेवा ही नहीं, बल्कि पर्यावरण और जनसेवा के लिए भी क्रांतिकारी निर्णय लिए गए। परिसर को हरा-भरा बनाने के लिए “बुजुर्गों के नाम एक पेड़” अभियान का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया, जिसके तहत प्रत्येक सदस्य अपने पूर्वजों की स्मृति में दो वृक्ष रोपित करेगा।

साथ ही, बेजुबान पक्षियों के लिए एक आधुनिक “बर्ड्स टावर” का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है, जहाँ उनके दाने-पानी और सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था होगी। भविष्य की योजनाओं में गौशाला परिसर को सोलर सिस्टम से लैस करने और सर्वसमाज की सेवा के लिए डायलिसिस केंद्र शुरू करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी सकारात्मक चर्चा हुई।

इसी कड़ी में सुरेश गोयल खेदड़िया के सहयोग से निर्मित चारागृह गोदाम का भी उद्घाटन किया गया। संस्था के अध्यक्ष कैलाश अग्रवाल ने बताया कि, आगामी समय में यहाँ लावारिस और वृद्ध गौमाताओं के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त और भी शेड बनाए जाएंगे।

इस आयोजन में उपाध्यक्ष रमेश अग्रवाल, सचिव राजकुमार अग्रवाल, कोषाध्यक्ष राजेश अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में गौभक्त मौजूद रहे, जिन्होंने इस गौशाला को एक सुरक्षित और आदर्श सेवा केंद्र के रूप में स्थापित करने का संकल्प लिया। अग्र सेवा गौशाला का यह प्रयास न केवल जीव-दया का संदेश दे रहा है, बल्कि सामाजिक सरोकारों से जुड़कर एक नई मिसाल पेश कर रहा है।


