सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने CM साय और गृहमंत्री शर्मा को लिखा पत्र

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रायपुर। राजधानी रायपुर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी तथा नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाने की दिशा में लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा को पत्र लिखकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। सांसद ने रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के क्षेत्राधिकार के व्यावहारिक पुनर्निर्धारण, अतिरिक्त पुलिस बल की उपलब्धता, आधुनिक संसाधनों की व्यवस्था और आवश्यक अधोसंरचना के विस्तार का आग्रह किया है। उनका कहना है कि राजधानी की तेजी से बढ़ती आबादी और लगातार हो रहे शहरी विस्तार को देखते हुए पुलिस व्यवस्था को भी समय के अनुरूप मजबूत और आधुनिक बनाना आवश्यक है।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपने पत्र में कहा कि सुरक्षा, सुगम यातायात और बेहतर कानून-व्यवस्था केवल प्रशासनिक विषय नहीं हैं, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक के विश्वास और सुरक्षित जीवन से सीधे जुड़े हुए मुद्दे हैं। यदि राजधानी में पुलिस व्यवस्था मजबूत होगी तो नागरिकों का भरोसा भी बढ़ेगा और विकास की गति को भी नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि रायपुर पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विकसित हुआ है। शहर की आबादी लगातार बढ़ रही है और नए आवासीय क्षेत्रों के विस्तार के साथ यातायात का दबाव भी पहले की तुलना में काफी बढ़ गया है। ऐसे में वर्तमान पुलिस व्यवस्था पर अतिरिक्त भार पड़ना स्वाभाविक है। इसलिए समय की जरूरत को देखते हुए पुलिस कमिश्नरेट के क्षेत्राधिकार की समीक्षा कर उसे अधिक व्यावहारिक बनाया जाना चाहिए।

सांसद ने सुझाव दिया कि महात्मा गांधी वार्ड, डूमरतराई, माना एयरपोर्ट सहित ऐसे सभी क्षेत्र, जो अब पूरी तरह शहरी स्वरूप ले चुके हैं, उन्हें रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के अधिकार क्षेत्र में शामिल किया जाए। उनका मानना है कि इससे इन क्षेत्रों में पुलिसिंग अधिक प्रभावी होगी, त्वरित कार्रवाई संभव होगी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सुविधा मिलेगी। बृजमोहन अग्रवाल ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि केवल क्षेत्राधिकार बढ़ाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि पुलिस बल की संख्या में भी वृद्धि आवश्यक है। उन्होंने अतिरिक्त पुलिस अधिकारियों और जवानों की नियुक्ति की मांग करते हुए कहा कि बढ़ती जनसंख्या और अपराध नियंत्रण की चुनौतियों को देखते हुए पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराना जरूरी है। इसके साथ ही सांसद ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आधुनिक कार्यालय भवनों के निर्माण तथा पर्याप्त संख्या में वाहनों की व्यवस्था करने का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक संसाधनों और बेहतर बुनियादी सुविधाओं से लैस पुलिस बल ही प्रभावी ढंग से कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण और यातायात प्रबंधन जैसे दायित्वों का निर्वहन कर सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि राजधानी में सुगम यातायात व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि पुलिस कमिश्नरेट को आवश्यक संसाधन और अधोसंरचना उपलब्ध कराई जाती है तो इससे न केवल अपराधों पर नियंत्रण मजबूत होगा, बल्कि आपात स्थितियों में पुलिस की प्रतिक्रिया भी अधिक तेज और प्रभावी हो सकेगी। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गृहमंत्री विजय शर्मा इस विषय पर गंभीरता से विचार करेंगे और राजधानी रायपुर को अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और नागरिक-अनुकूल बनाने के लिए सकारात्मक निर्णय लेंगे।

उन्होंने कहा कि “सुरक्षित राजधानी ही विकसित राजधानी की पहचान होती है” और इसी सोच के साथ पुलिस व्यवस्था को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए आवश्यक प्रशासनिक एवं संसाधन संबंधी निर्णय लेकर रायपुर को सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन के क्षेत्र में एक आदर्श राजधानी के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रभावी पहल करेगी।