क्वेटा। बलूचिस्तान प्रांत में क्वेटा से 30 किलोमीटर दूर स्थित सोरांगे कोयला क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। जमीन से करीब 4,000 फीट की गहराई में जहरीली मीथेन गैस लीक होने के बाद हुए जोरदार धमाके में दो कोयला खदानें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। इस भीषण हादसे में अब तक 32 खनिकों (मजदूरों) के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि कई लोग अब भी जिंदगी और मौत के बीच मलबे में फंसे हुए हैं।
हादसे के वक्त दोनों खदानों के अंदर तीन दर्जन के करीब मजदूर काम कर रहे थे। धमाका इतना भीषण था कि उसकी गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। पहली खदान में हुए ब्लास्ट की चपेट में पास की दूसरी खदान भी आ गई। बलूचिस्तान के मुख्य खान निरीक्षक मोहम्मद आतिफ के मुताबिक, खदान के भीतर फैली जहरीली मीथेन गैस और भड़की आग के कारण रातभर चले रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। फिलहाल बचाव दल लापता मजदूरों की तलाश में जुटा हुआ है, लेकिन 4,000 फीट नीचे फंसे लोगों के जीवित बचने की उम्मीदें बेहद कम नजर आ रही हैं।
