सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के कुकानार प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति में तेंदूपत्ता भुगतान घोटाले को लेकर बड़ी कार्रवाई की गई है। मामले में प्रबंधक मडकम देवेंद्र को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। यह मामला मजदूरों और फड़ मुंशियों के भुगतान में गड़बड़ी से जुड़ा हुआ है। शिकायत मिली थी कि तेंदूपत्ता तोड़ने वाले मजदूरों का मेहनताना और फड़ मुंशियों का मानदेय समय पर नहीं दिया गया। शिकायत के बाद वन विभाग के डीएफओ ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया। जांच के दौरान करीब 4 लाख 19 हजार रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आई। जांच में यह भी पाया गया कि 17 फड़ों में शाख कर्तन की राशि रोकी गई थी, जबकि 24 फड़ मुंशियों का भुगतान भी लंबित रखा गया था। इससे स्थानीय मजदूरों में नाराजगी बढ़ गई थी। इस मामले में पहले ही दो अन्य कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है। अब मुख्य जिम्मेदार प्रबंधक पर कड़ी कार्रवाई करते हुए सेवा समाप्त कर दी गई है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही नए प्रबंधक की नियुक्ति की जाएगी और मजदूरों के भुगतान की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाएगा। इस कार्रवाई के साथ प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि मजदूरों के हक के साथ किसी भी तरह की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
