महानदी भवन कैंटीन व्यवस्था बदलेगी, कर्मचारियों ने महिला समूहों को जिम्मेदारी देने की मांग की

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रायपुर। नवा रायपुर स्थित महानदी भवन की कैंटीन व्यवस्था में 26 साल बाद बड़ा बदलाव होने जा रहा है। लंबे समय से इंडियन कॉफी हाउस (ICH) के जरिए संचालित कैंटीन अब निविदा आधारित नई व्यवस्था के तहत चलाने की तैयारी है। इस बदलाव को लेकर मंत्रालयीन कर्मचारियों में चिंता बढ़ गई है। अब तक कैंटीन संचालन बिना टेंडर के होता रहा, जहां शासन की ओर से सब्सिडी मिलने के कारण खाद्य पदार्थों की कीमतें अपेक्षाकृत कम थीं। नई व्यवस्था में चयनित एजेंसी लागत आधारित मॉडल पर संचालन करेगी, जिससे कर्मचारियों को भोजन और नाश्ते के दाम बढ़ने की आशंका है।

इसी मुद्दे को लेकर मंत्रालयीन कर्मचारी संघ ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर नई व्यवस्था पर पुनर्विचार की मांग की है। संघ का कहना है कि, निजी एजेंसी के बजाय महिला स्व सहायता समूह को कैंटीन संचालन की जिम्मेदारी दी जाए। इसके लिए अन्य सरकारी दफ्तरों में स्व-सहायता समूहों द्वारा सफल संचालन का उदाहरण भी दिया गया है। कर्मचारियों का तर्क है कि, इससे एक ओर दरें नियंत्रित रह सकती हैं, वहीं महिला समूहों को रोजगार भी मिलेगा।

दूसरी तरफ सरकार का मानना है कि, टेंडर आधारित व्यवस्था से पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित होगा। फिलहाल नई व्यवस्था को लेकर चर्चाएं तेज हैं और कर्मचारी संगठन फैसले में बदलाव की उम्मीद लगाए बैठे हैं। अब नजर इस बात पर है कि, मुख्य सचिव कर्मचारियों के सुझाव पर क्या रुख अपनाते हैं और मंत्रालय कैंटीन का संचालन किस मॉडल से आगे बढ़ता है।