नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र गुरुवार को हंगामे के बीच समाप्त हो गया। लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के साथ शुरू हुई और कुछ ही देर बाद स्पीकर ओम बिरला ने सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। खास बात यह रही कि इस बार स्पीकर ने सत्र के समापन पर होने वाला पारंपरिक उत्पादकता भाषण भी नहीं दिया। पूरे सत्र के दौरान विपक्ष ने नीट पेपर लीक, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा। विपक्ष ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सदन में मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठाए।
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वहीं, लगातार हंगामे के बावजूद सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित कराने में सफल रही। इनमें खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने संबंधी विधेयक, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की संख्या से जुड़ा संशोधन विधेयक और कराधान एवं अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक प्रमुख हैं। इसके अलावा, विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजने का प्रस्ताव भी लोकसभा ने ध्वनिमत से मंजूर किया।
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