सराफा कारोबारी हत्याकांड में तीनों आरोपियों को उम्रकैद

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कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के चर्चित सराफा कारोबारी गोपाल राय सोनी हत्याकांड और लूट मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गरिमा शर्मा की अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माना जमा न करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के लालूराम कॉलोनी का है, जहां 5 जनवरी 2025 की रात यह वारदात हुई थी। जानकारी के अनुसार, सराफा कारोबारी गोपाल राय सोनी उस रात अपने घर लौटे थे। घर में उनकी पत्नी अस्वस्थ थीं, जबकि उनका बेटा दुकान पर काम के सिलसिले में बाहर था। देर रात जब बेटा दुकान बंद कर घर पहुंचा तो उसने अपने पिता का खून से लथपथ शव घर के अंदर पड़ा देखा, जिससे पूरे परिवार और इलाके में हड़कंप मच गया।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि घर से एक सूटकेस और मृतक का मोबाइल फोन गायब था। इसके अलावा आरोपियों ने कारोबारी की क्रेटा कार (क्रमांक जेएच 01 सीसी 4455) भी लूट ली थी और मौके से फरार हो गए थे। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने पूरी वारदात को बेहद कम समय में अंजाम दिया था। सीसीटीवी फुटेज की जांच में पता चला कि पूरी घटना मात्र 19 मिनट के भीतर हुई थी। पुलिस ने शहर और आसपास के लगभग 360 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपियों के आने-जाने के रास्तों का पता लगाया।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी लूटी गई क्रेटा कार को बालको चेक पोस्ट के पास छोड़कर फरार हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सुरागों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया। इस मामले में आकाश गोस्वामी और मोहन मिंज को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। वहीं मुख्य आरोपी और कारोबारी का पूर्व चालक सूरज गोस्वामी को मुंबई से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ विस्तृत जांच के बाद न्यायालय में चालान पेश किया।

अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मजबूत साक्ष्य और तकनीकी सबूत प्रस्तुत किए, जिनके आधार पर अदालत ने तीनों आरोपियों आकाश पुरी, सूरज पुरी और मोहन मिंज को दोषी करार दिया। अदालत ने माना कि यह सुनियोजित हत्या और लूट का गंभीर मामला है, जिसमें आरोपियों की संलिप्तता स्पष्ट रूप से साबित हुई है। इसी आधार पर अदालत ने तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। फैसले के बाद न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई थी। वहीं पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह निर्णय कानून व्यवस्था और न्याय प्रणाली पर विश्वास को मजबूत करता है। इस मामले ने पूरे क्षेत्र में उस समय सनसनी फैला दी थी और अब अदालत के फैसले के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिला है। स्थानीय लोगों ने भी इस फैसले का स्वागत किया है और इसे एक सख्त संदेश बताया है कि अपराध करने वालों को कानून से बचना संभव नहीं है।