मुंबई। देश में हरित ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि अब 100 प्रतिशत शुद्ध इथेनॉल को वाहन ईंधन के रूप में इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले का उद्देश्य पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम करना, विदेशी तेल आयात का बोझ घटाना और प्रदूषण में कमी लाना है।
नितिन गडकरी के अनुसार, इथेनॉल आधारित वाहनों के लिए जरूरी नियमों को अंतिम रूप दिया जा चुका है और कई प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियां इस नई तकनीक को अपनाने के लिए तैयार हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले हफ्तों में बाजार में ऐसे वाहन लॉन्च किए जाएंगे जो पूरी तरह इथेनॉल पर चल सकेंगे। इथेनॉल एक जैविक ईंधन है, जिसे गन्ने, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से तैयार किया जाता है। यह पेट्रोल की तुलना में सस्ता और पर्यावरण के लिए अधिक अनुकूल माना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि, इसके व्यापक उपयोग से किसानों को भी लाभ मिलेगा क्योंकि इथेनॉल उत्पादन में कृषि क्षेत्र की अहम भूमिका होती है।
सरकार पहले ही E20 और E85 जैसे मिश्रित ईंधनों को बढ़ावा दे चुकी है। अब 100 प्रतिशत इथेनॉल को मंजूरी मिलने से देश के बायोफ्यूल सेक्टर को नई गति मिलने की उम्मीद है। हालांकि इस ईंधन का उपयोग केवल फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक वाले वाहनों में ही संभव होगा। यदि यह पहल सफल रहती है, तो आने वाले वर्षों में भारत का परिवहन क्षेत्र अधिक स्वच्छ, किफायती और आत्मनिर्भर बन सकता है।
