भारत के UPI मॉडल में आयरलैंड की दिलचस्पी, यूरोपीय बाजार में संभावनाएं तलाशने की तैयारी

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मुंबई। भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) अब वैश्विक स्तर पर डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में चर्चा का विषय बन चुका है। इसी कड़ी में आयरलैंड की निवेश प्रोत्साहन एजेंसी IDA Ireland भी भारत की डिजिटल भुगतान व्यवस्था को करीब से समझने में रुचि दिखा रही है। एजेंसी के फिनटेक एवं पेमेंट्स प्रमुख सीन मैकविलियम्स ने कहा कि आयरलैंड यह जानना चाहता है कि भारत में सफल रहा UPI मॉडल आयरलैंड, यूरोपीय संघ और दूसरे अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए किस तरह उपयोगी हो सकता है।

मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्टिवल के दौरान मैकविलियम्स ने कहा कि भारत की यात्रा का उद्देश्य देश के तेजी से बढ़ते फिनटेक और डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को समझना है। इसके साथ ही आयरलैंड उन भारतीय कंपनियों के लिए संभावित सहयोग के रास्ते तलाश रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने कारोबार का विस्तार करना चाहती हैं। उनके मुताबिक UPI भारत की भुगतान व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है और दुनिया के कई देश ऐसे डिजिटल समाधान तलाश रहे हैं, जो भुगतान प्रक्रिया को आसान, तेज और अधिक सुविधाजनक बना सकें। मैकविलियम्स ने कहा कि भारत में डिजिटल भुगतान के विस्तार और बड़ी आबादी को डिजिटल वित्तीय सेवाओं से जोड़ने का अनुभव दूसरे देशों के लिए सीख का महत्वपूर्ण स्रोत है। उन्होंने UPI की सफलता और आयरलैंड में हो रहे फिनटेक नवाचारों के बीच संभावित सहयोग के अवसरों को समझने में भी रुचि जताई। उनके अनुसार भारत ने डिजिटल भुगतान को व्यापक और समावेशी बनाने में उल्लेखनीय प्रगति की है।

AI को लेकर भी आयरलैंड की बड़ी योजना
बातचीत के दौरान मैकविलियम्स ने आयरलैंड की राष्ट्रीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रणनीति का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस पहल के जरिए आयरलैंड एआई इनोवेशन के क्षेत्र में राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत करना चाहता है। रणनीति में नई तकनीकों को बढ़ावा देने के साथ कौशल विकास, प्रतिभा तैयार करने और जिम्मेदार नियामक व्यवस्था के तहत नवाचार को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि वित्तीय सेवाओं में आयरलैंड का मजबूत अनुभव रहा है और अब एआई को अगली बड़ी तकनीकी परिवर्तनकारी ताकत के तौर पर देखा जा रहा है। इससे फिनटेक कंपनियों और स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय विस्तार के नए अवसर मिल सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि यूरोपीय संघ की अध्यक्षता के दौरान आयरलैंड 14 अक्टूबर को एक अंतरराष्ट्रीय एआई शिखर सम्मेलन आयोजित करेगा, जिसमें कंपनियों, नीति-निर्माताओं और तकनीकी विशेषज्ञों के शामिल होने की उम्मीद है।

मैकविलियम्स के मुताबिक यूरोप में कारोबार बढ़ाने की तैयारी कर रही भारतीय कंपनियों के लिए आयरलैंड कई अवसर उपलब्ध करा सकता है। यूरोपीय बाजार तक पहुंच, मजबूत तकनीकी इकोसिस्टम, नवाचार को समर्थन देने वाली नीतियां और वैश्विक वित्तीय सेवाओं की मौजूदगी भारतीय कंपनियों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।