नयी दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कोलंबो में भारतीय समुदाय से संवाद के दौरान कहा कि श्रीलंका जब भी संकट का सामना करेगा, भारत उसके साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। श्रीलंका यात्रा पर गए रक्षा मंत्री ने दोनों देशों के करीबी सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को द्विपक्षीय रिश्तों की मजबूत नींव बताया। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में है और वैश्विक वृद्धि में 16 प्रतिशत से अधिक योगदान दे रहा है।
वर्ष 2014 में करीब 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बढ़कर लगभग 4 ट्रिलियन डॉलर हुई और वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गयी। पिछले 12 वर्षों में औसत महंगाई करीब 4.7 फीसदी रही, जबकि पहले यह 10-11 फीसदी थी। उन्होंने बताया कि वस्तु एवं सेवा निर्यात 2014 के 45 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 79 लाख करोड़ रुपये हुआ।
इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन 1.9 लाख करोड़ से बढ़कर 11 लाख करोड़ रुपये से अधिक और इसका निर्यात करीब 38,000 करोड़ से 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक हुआ। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता बना है; विनिर्माण इकाइयां दो से बढ़कर 300 से अधिक हुईं और मोबाइल निर्यात बढ़कर 2.6 लाख करोड़ रुपये हो गया। ऑटोमोबाइल निर्यात भी करीब 50,000 करोड़ से बढ़कर 1.20 लाख करोड़ रुपये सालाना हो गया है।
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रक्षा मंत्री के अनुसार, भारत ने 12 वर्षों में 38 देशों के साथ व्यापार समझौते किए, जिनमें आठ प्रमुख देशों के साथ एफटीए शामिल हैं, जबकि 2014 से पहले ऐसे समझौते चार थे। उन्होंने भारत-ईयू एफटीए को ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत की वैश्विक विश्वसनीयता और प्रतिष्ठा में वृद्धि का श्रेय दिया तथा प्रवासी भारतीयों को दोनों देशों के लोगों के बीच सेतु बताया।
रक्षा क्षेत्र में रक्षा निर्यात 12 साल पहले के 600 करोड़ रुपये से बढ़कर करीब 39,000 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा है। रक्षा बजट वित्त वर्ष 2013-14 के करीब 2 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 7.25 लाख करोड़ रुपये हुआ। सिंह ने कहा कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। उन्होंने जीएसटी के जरिए ‘वन नेशन, वन टैक्स’ व्यवस्था, कर राहत, करीब 25 करोड़ लोगों के गरीबी से बाहर आने और सामाजिक सुरक्षा कवरेज के 2014 के करीब 25 करोड़ से बढ़कर लगभग 95 करोड़ लोगों तक पहुंचने का उल्लेख किया।
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उन्होंने डिजिटल सार्वजनिक ढांचे, ब्रॉडबैंड और यूपीआई के विस्तार, राजमार्गों व हवाईअड्डों सहित बुनियादी ढांचे के विकास और भारतीय रेलवे के 100 प्रतिशत विद्युतीकरण के लक्ष्य की दिशा में प्रगति पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जाम नेटवर्क और डीबीटी के जरिए लाभ सीधे लोगों तक पहुंच रहे हैं तथा डीबीटी से 51 लाख करोड़ रुपये लोगों के बैंक खातों में हस्तांतरित किये गये हैं। कार्यक्रम में श्रीलंका सरकार की कैबिनेट मंत्री सरोजा सावित्री पॉलराज, पश्चिमी प्रांत के गवर्नर हनीफ यूसुफ, उप मंत्री सुंदरलिंगम प्रदीप, श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त संतोष झा, वरिष्ठ भारतीय असैन्य एवं सैन्य अधिकारी और भारतीय समुदाय के सदस्य उपस्थित थे।

