इतिहास की सबसे बड़ी डिफेंस डील: फ्रांस से 114 राफेल खरीदेगा भारत, 90 लड़ाकू विमान देश में ही होंगे तैयार

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नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता को कई गुना बढ़ाने के लिए रक्षा मंत्रालय ने देश के इतिहास का सबसे बड़ा कदम उठाया है। भारत सरकार फ्रांस से 114 अत्याधुनिक राफेल लड़ाकू विमान खरीदने की तैयारी में है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस महासौदे की सबसे खास बात यह है कि ‘मेक इन इंडिया’ नीति के तहत 114 में से 90 राफेल विमानों का निर्माण फ्रांसीसी निर्माता डसॉल्ट एविएशन और एक भारतीय कंपनी मिलकर भारत में ही करेगी, जबकि शेष 24 विमान उड़ान भरने के लिए तैयार स्थिति में सीधे फ्रांस से भारत आएंगे।

इस सौदे के लिए अनुरोध पत्र को अंतिम रूप दे दिया गया है और भारत का लक्ष्य इस साल के अंत तक बातचीत पूरी कर समझौते पर हस्ताक्षर करना है। भारत इस सौदे में करीब 50 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री शामिल करने की योजना बना रहा है, ताकि अस्त्र जैसी घरेलू मिसाइल प्रणालियों को राफेल में जोड़ा जा सके। यह सौदा वायुसेना की घटती स्क्वाड्रन क्षमता को मजबूत करने में गेमचेंजर साबित होगा, क्योंकि वर्तमान में स्वीकृत 42 स्क्वाड्रन के मुकाबले भारत के पास केवल 29 लड़ाकू स्क्वाड्रन हैं।

राफेल लड़ाकू विमान दुनिया के सबसे खतरनाक विमानों में से एक है। यह केवल एक मिनट में 18,000 फीट की ऊंचाई पर पहुंच सकता है और लगातार 10 घंटे तक उड़ान भर सकता है। इसमें लगी अत्याधुनिक मेटियोर मिसाइल और स्पेक्ट्रा रडार प्रणाली 100 किलोमीटर के दायरे में एक साथ 40 दुश्मनों की पहचान कर उन्हें पल भर में नेस्तनाबूद कर सकती है। वायुसेना प्रमुख और प्रधानमंत्री के आगामी फ्रांस दौरे के बाद इस मेगा डिफेंस डील को अंतिम रूप मिलने की पूरी उम्मीद है।