दावत के लिए चीतल का शिकार : जंगल में फंदा लगाकर मार डाला, मांस पकाने से पहले 7 आरोपी गिरफ्तार

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कवर्धा। कबीरधाम जिले के बोड़ला वन परिक्षेत्र अंतर्गत भलपहरी बीट के जंगल में वन्यजीवों के अवैध शिकार का मामला सामने आया है। वन विकास निगम की स्पेशल टीम ने आधी रात को छापेमार कार्रवाई कर सात आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने जंगल में फंदा लगाकर एक चीतल का शिकार किया और कुल्हाड़ी से उसकी हत्या कर दी। टीम ने समय रहते दबिश देकर आरोपियों को मांस पकाने से पहले ही पकड़ लिया। जानकारी के अनुसार, कक्ष क्रमांक आरएफ-2/6 में शिकारियों ने पहले जाल बिछाकर चीतल को फंसाया, फिर कुल्हाड़ी से हमला कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद वे मृत चीतल के मांस के टुकड़े कर दावत की तैयारी में जुटे थे। इसी दौरान वन विकास निगम की स्पेशल टीम को सूचना मिली और टीम ने अलग-अलग गांवों में छापेमारी कर सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से करीब 500 ग्राम पका हुआ चीतल का मांस, शिकार में इस्तेमाल होने वाले नायलॉन के जाल, लोहे के तार से बने फंदे, लकड़ी के डंडे और तीन कुल्हाड़ियां जब्त की गईं। वन विभाग ने मौके से अन्य साक्ष्य भी एकत्र किए हैं। वन विकास निगम के अधिकारी पितांबर साहू ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 2(16), 9, 39(1)(3), 44, 50, 51(1)(2) सहित भारतीय वन अधिनियम की विभिन्न गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।

वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि वन्यजीवों का शिकार गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वन्यजीवों के संरक्षण में सहयोग करें तथा शिकार जैसी अवैध गतिविधियों की सूचना तत्काल वन विभाग को दें, ताकि जैव विविधता और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।