इस्लामाबाद। पाकिस्तान के मौलवी नासिर मदनी ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद को लेकर बड़ा दावा किया है। मदनी के अनुसार हाफिज सईद ने जम्मू-कश्मीर में 10 हजार से अधिक युवाओं को आतंकवादी गतिविधियों के लिए भेजा था। उन्होंने यह बात पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग की ओर से बहावलपुर में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कही।
मदनी का यह बयान पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस 14 अगस्त को आयोजित कार्यक्रम में सामने आया। सभा में उन्होंने जेल में बंद हाफिज सईद की प्रशंसा करते हुए उसके कार्यों को कथित तौर पर ‘बलिदान के रूप में पेश किया। मदनी के भाषण का एक अंश सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आया है। मदनी ने अपने संबोधन में हाफिज सईद का बचाव करते हुए कहा कि उसने कथित तौर पर कश्मीर के लिए बड़ी संख्या में युवाओं को समर्पित किया। उन्होंने सईद के जेल में होने का उल्लेख करते हुए कहा कि वह वहां भी पूरी तरह शांत है।
नासिर मदनी हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान मंच पर दिल का दौरा पडऩे के बाद भी चर्चा में रहे थे। बहावलपुर की सभा में उनके संबोधन के दौरान हाफिज सईद की गतिविधियों का जिस तरह उल्लेख किया गया, उसने पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क को लेकर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। मदनी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारत की राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने 6 जुलाई 2026 को पहलगाम आतंकी हमले के मामले में हाफिज सईद के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया है। एनआईए ने उसे पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा और उसके सक्रिय सहयोगी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट का प्रमुख तथा संस्थापक बताते हुए आरोपपत्र में नामजद किया है।
एनआईए के अनुसार 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने धर्म के आधार पर लक्षित हमला किया था। इस हमले में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय नागरिक समेत 26 लोगों की मौत हुई थी। एजेंसी ने हाफिज सईद पर भारत के खिलाफ युद्ध छेडऩे और सीमा पार से साजिश रचने से संबंधित आरोप भी लगाए हैं।
हाफिज सईद लंबे समय से भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों और आतंकवाद के वित्तपोषण से जुड़े मामलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवादों में रहा है। वह पाकिस्तान में आतंकवाद के वित्तपोषण से संबंधित मामलों में जेल की सजा काट रहा है। भारत सरकार की ओर से हाफिज सईद को आतंकवादी घोषित किया जा चुका है। उसका नाम भारत के गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम की चौथी अनुसूची में भी दर्ज है।
नासिर मदनी के कथित बयान ने पाकिस्तान में सक्रिय उन संगठनों और नेटवर्क को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं, जिन पर भारत लंबे समय से आतंकवाद को बढ़ावा देने और जम्मू-कश्मीर में हिंसा फैलाने के आरोप लगाता रहा है। हाफिज सईद को लेकर मदनी का दावा ऐसे समय सामने आया है, जब पहलगाम हमले की जांच में एनआईए ने पाकिस्तान स्थित आतंकी तंत्र और उसकी कथित साजिश की पड़ताल तेज कर रखी है।
