नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा को सात दिन बाद बुधवार को यहां के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) से छुट्टी मिल गयी।एम्स ने आज जारी एक विज्ञप्ति में बताया कि नड्डा को एंजियोप्लास्टी के उपचार के बाद आज छुट्टी दे दी गयी। नड्डा ने अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, “मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि एंजियोप्लास्टी के बाद मुझे एम्स से छुट्टी मिल गयी है।
मैं स्वस्थ हूँ और ठीक महसूस कर रहा हूँ।
उन्होंने कहा, ” एम्स के डॉक्टरों और कर्मचारियों का उनकी बेहतरीन देखभाल और समर्पण के लिए दिल से शुक्रिया। मैं अस्पताल में रहने के दौरान अपनी दुआओं, फोन करने वालों और संदेश के ज़रिए मेरा हाल-चाल पूछने वाले सभी शुभचिंतकों का भी धन्यवाद करता हूँ। आपके सहयोग का मेरे लिए बहुत महत्व था।
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गौरतलब है कि नड्डा को बेचैनी की शिकायत के बाद 13 अगस्त की शाम एम्स में भर्ती कराया गया था। इसके बाद डॉक्टरों ने कोरोनरी एंजियोग्राफी से जुड़ी चिकित्सकीय जांच की थी। इसके बाद उन्हें हृदयरोग विभाग में भर्ती किया गया था। एम्स ने 14 अगस्त को बयान जारी कर बताया था कि नड्डा का स्वास्थ्य स्थिर है।
एम्स ने सोशल मीडिया एक्स पर 65 वर्षीय नड्डा के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी देते हुए कहा था, ” स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा को बेचैनी महसूस होने पर अस्पताल लाया गया और गुरुवार को शाम कोरोनरी एंजियोग्राफी सहित कई जांच की गयी। उनकी हालत अभी अभी स्थिर हैं और निगरानी के लिए उन्हें हृदय रोग विभाग में भर्ती किया गया है। इसके बाद 17 अगस्त को उनकी एंजियोप्लास्टी की गयी।
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अस्पताल ने 18 अगस्त को एक विज्ञप्ति जारी कर बताया कि उनकी हालत अब स्थिर है और वह अस्पताल के हृदयरोग विभाग में डॉक्टरों की निगरानी में हैं।गौरतलब है कि कोरोनरी एंजियोग्राफी एक मेडिकल इमेजिंग (शरीर के अंदरूनी अंगों की साफ तस्वीर लेने की तकनीक) प्रक्रिया है, जिसका इस्तेमाल कोरोनरी आर्टरीज की जांच के लिए किया जाता है।
यह हृदय को ऑक्सीजन वाला खून आपूर्ति करने वाली रक्तवाहिनी है। इस प्रक्रिया के दौरान डॉक्टर कैथेटर नाम की एक पतली, लचीली ट्यूब को रक्तवाहिनी में डालते हैं, जो आमतौर पर कलाई या कमर में होती है और इसे दिल तक ले जाते हैं। फिर कोरोनरी आर्टरीज में एक खास कंट्रास्ट डाई इंजेक्ट की जाती है और किसी भी सिकुड़न या ब्लॉकेज का पता लगाने के लिए एक्स-रे इमेज ली जाती हैं।
