आईटी सेक्टर की दिग्गज HCL Technologies के शेयर बुधवार को 9% तक टूटकर 1,311 रुपये के आसपास पहुंच गए, जिससे बाजार में हलचल मच गई। इस गिरावट की बड़ी वजह ब्रोकरेज फर्मों की डाउनग्रेड रिपोर्ट और कमजोर आउटलुक को माना जा रहा है। कंपनी के तिमाही नतीजों के बाद कई संस्थानों ने टारगेट प्राइस घटा दिए हैं। चौथी तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 4.2% बढ़कर 4,488 करोड़ रुपये और रेवेन्यू 12.3% बढ़कर 33,981 करोड़ रुपये रहा, लेकिन यह प्रदर्शन बाजार की उम्मीदों से कमजोर माना गया।

खासतौर पर मार्जिन और ग्रोथ गाइडेंस ने निवेशकों को निराश किया। Nomura ने ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस कम किया और कहा कि, Q4 नतीजे अनुमान से नीचे रहे। वहीं Motilal Oswal ने भी लक्ष्य 1,700 से घटाकर 1,650 रुपये कर दिया। ब्रोकरेज का मानना है कि FY27 के लिए 1-4% रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस उम्मीद से कमजोर है। उधर JPMorgan Chase ने ‘Neutral’ रेटिंग देते हुए टारगेट 1,370 रुपये कर दिया। रिपोर्ट में टेलीकॉम सेक्टर की कमजोरी और SAP प्रोजेक्ट्स रद्द होने को जोखिम बताया गया। विशेषज्ञों के मुताबिक, HCL Tech पर दबाव अभी बना रह सकता है, हालांकि लॉन्ग टर्म में मार्जिन रिकवरी उम्मीद जगाती है। फिलहाल कमजोर गाइडेंस और ब्रोकरेज कटौती ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
