ई-रिक्शा हैकिंग पर सरकार सख्त: 7 चीनी BMS ऐप्स पर कार्रवाई, जानिए आपका वाहन सुरक्षित है या नहीं

Follow Us

नई दिल्ली। दिल्ली समेत कई शहरों में चलते ई-रिक्शा को ब्लूटूथ के जरिए अचानक बंद किए जाने की शिकायतों के बाद केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने ऐसे 7 चीनी बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) ऐप्स को ऐप स्टोर से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिनका कथित तौर पर दुरुपयोग किया जा रहा था। कार्रवाई की जद में आए ऐप्स में BAT-BMS, Smart BMS, Lossigy, Epoch Li-ion समेत अन्य BMS ऐप शामिल हैं। हाल के दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए, जिनमें कुछ लोग ब्लूटूथ के जरिए ई-रिक्शा की लीथियम-आयन बैटरी से कनेक्ट होकर चलते वाहन को बंद कर देते थे, जिससे चालक और यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाती थी।

जानकारी के अनुसार, कुछ ई-रिक्शा में लगी लीथियम-आयन बैटरियों के BMS में पासवर्ड सुरक्षा नहीं थी या बहुत कमजोर पासवर्ड इस्तेमाल किए गए थे। ऐसे में 10 से 15 मीटर की दूरी से कोई भी व्यक्ति संबंधित ऐप के जरिए बैटरी से कनेक्ट होकर उसे डिस्चार्ज मोड में डाल सकता था। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह खतरा केवल उन्हीं ई-रिक्शा पर है जिनमें ब्लूटूथ सपोर्ट वाली लीथियम-आयन बैटरी लगी है और जिनके BMS में पर्याप्त सुरक्षा नहीं है। वहीं लेड-एसिड बैटरी वाले ई-रिक्शा, मजबूत पासवर्ड और एन्क्रिप्शन वाले बैटरी सिस्टम, तथा इलेक्ट्रिक कार और ई-स्कूटर इस खतरे से सुरक्षित बताए गए हैं।

BAT-BMS जैसे ऐप मूल रूप से लीथियम-आयन बैटरियों की चार्जिंग, वोल्टेज, तापमान और बैटरी हेल्थ की निगरानी के लिए बनाए गए थे। हालांकि, भारत में इनके डिस्चार्ज ऑन/ऑफ फीचर का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल ई-रिक्शा रोकने के लिए किया जाने लगा। विशेषज्ञों ने बैटरी निर्माताओं और डीलरों को प्रत्येक BMS में मजबूत और अलग पासवर्ड सेट करने की सलाह दी है। वहीं ई-रिक्शा मालिकों से कहा गया है कि वे अपनी बैटरी का ब्लूटूथ पासवर्ड जांचें, डिफॉल्ट पासवर्ड तुरंत बदलें और जरूरत पड़ने पर डीलर से BMS सुरक्षा अपडेट कराएं।