वाराणसी। गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए वाराणसी के प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट पर होने वाली दैनिक गंगा आरती को लगातार दूसरे दिन वैकल्पिक स्थान पर आयोजित किया गया। गंगा सेवा निधि की ओर से आयोजित होने वाली इस भव्य आरती को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। गंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारण दशाश्वमेध घाट के निचले हिस्से में पानी बढ़ गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और आयोजन को व्यवस्थित तरीके से जारी रखने के लिए गंगा सेवा निधि ने आरती का स्थान बदलने का फैसला किया। हालांकि, स्थान बदलने के बावजूद गंगा आरती की धार्मिक परंपरा और आयोजन में कोई कमी नहीं आने दी गई।
शाम के समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु वैकल्पिक स्थल पर एकत्र हुए और भक्ति भाव के साथ गंगा आरती में शामिल हुए। आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने मां गंगा के जयकारे लगाए और दीपों की रोशनी से वातावरण भक्तिमय हो गया। गंगा सेवा निधि की ओर से आरती की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं वैकल्पिक स्थल पर की गईं। दशाश्वमेध घाट पर होने वाली गंगा आरती वाराणसी की प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान मानी जाती है। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक इस आरती को देखने के लिए घाट पर पहुंचते हैं। गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण आयोजन स्थल में बदलाव किया गया है, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह में कोई कमी देखने को नहीं मिली।
गंगा सेवा निधि के अनुसार, जलस्तर की स्थिति को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। जलस्तर बढ़ने के कारण घाट के कई हिस्सों में पानी पहुंच गया है, इसलिए निचले क्षेत्र में भीड़ को नियंत्रित करने और किसी संभावित हादसे से बचने के लिए वैकल्पिक स्थान का इस्तेमाल किया जा रहा है। दूसरे दिन भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने वैकल्पिक स्थल से गंगा आरती के दर्शन किए। आरती के दौरान मंत्रोच्चार और घंटियों की आवाज से पूरा वातावरण आध्यात्मिक हो गया। गंगा सेवा निधि द्वारा उपलब्ध कराए गए वीडियो में भी श्रद्धालुओं की बड़ी मौजूदगी और आरती का भव्य दृश्य दिखाई दिया। फिलहाल गंगा के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है और स्थिति के अनुसार आगे आरती के आयोजन को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
