किराए के लालच में पुरानी नींव पर खड़ी कर दीं 4 मंजिलें! सत्य निकेतन हादसे की FIR में बड़ा खुलासा

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नई दिल्ली। दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत ढहने के दर्दनाक हादसे की जांच में निर्माण को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस की एफआईआर के मुताबिक, बिल्डिंग मालिक हरिराम बंसल उर्फ गुप्ता और उनके भाई ने कथित तौर पर किराए से अधिक कमाई के लालच में कई साल पुरानी इमारत के ऊपर चार अतिरिक्त मंजिलों का निर्माण कराया था। पुलिस का आरोप है कि मालिकों को पता था कि पुरानी इमारत की नींव अतिरिक्त भार सहने की स्थिति में नहीं थी, इसके बावजूद ऊपरी मंजिलों का निर्माण कराया गया।

अतिरिक्त निर्माण से बढ़ गया था इमारत पर भार
FIR के अनुसार, अतिरिक्त मंजिलों और नए निर्माण के कारण इमारत की मजबूती और उसकी भार वहन क्षमता पर अत्यधिक दबाव पड़ा। पुलिस का दावा है कि इमारत की क्षमता अपनी सीमा पार कर चुकी थी। इसके बाद इमारत अचानक भरभराकर ढह गई और कई लोग मलबे में दब गए।रविवार से सोमवार शाम तक राहत एवं बचाव अभियान के दौरान मलबे से कम से कम 12 लोगों को बाहर निकाला गया, जिनमें सात लोगों की मौत हो गई।

हादसे में 7 की मौत, कई घायल
मृतकों में पांच छात्र अभिषेक (20), युवराज सोनी (20), पवन (17), अर्पित जाजज (19) और अक्षत सिंह यादव (18) शामिल हैं। इसके अलावा 75 वर्षीय मजदूर सुरिंदर सिंह की भी मौत हुई है। सातवें मृतक की पहचान अभी नहीं हो पाई है।हादसे में घायल असगर अली (30), नीरज बावन (19), आदित्य कुमार (19), नितिश चिब (19) और मोहम्मद अयान (18) का इलाज AIIMS ट्रॉमा सेंटर और सफदरजंग अस्पताल में चल रहा है। इनमें तीन घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।रविवार को मलबे से पांच शव और पांच घायलों को निकाला गया था, जबकि सोमवार को राहत अभियान के दौरान दो और शव बरामद किए गए।

‘HostelDaze’ नाम से चल रहा था PG और हॉस्टल
FIR में स्थानीय जांच के हवाले से बताया गया है कि इमारत में ‘HostelDaze’ नाम से PG और हॉस्टल संचालित किया जा रहा था। ग्राउंड फ्लोर के अलावा चार ऊपरी मंजिलें थीं, जहां बड़ी संख्या में छात्र और अन्य लोग रह रहे थे।पुलिस के मुताबिक, इमारत के अचानक ढहने के बाद कई लोग मलबे में दब गए। FIR में आरोप लगाया गया है कि बिल्डिंग मालिक को इस बात का अंदाजा था कि अतिरिक्त भार के चलते इमारत गिर सकती है और उसमें रहने वाले लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है। इसके बावजूद निर्माण कराया गया।

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81 वर्षीय मालिक समेत तीन गिरफ्तार
मामले में रविवार रात दक्षिण कैंपस थाने में ASI प्रफुल टोप्पो की शिकायत पर FIR नंबर 153/2026 दर्ज की गई। पुलिस ने BNS की धारा 105, 290 और 125(a) के तहत मामला दर्ज किया है।पुलिस ने 81 वर्षीय हरिराम गुप्ता, उनकी पत्नी और बेटे को गिरफ्तार किया है। सामने आया है कि हरिराम भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त सार्जेंट रह चुके हैं।हालांकि, FIR के आरोपी या संदिग्धों वाले कॉलम में किसी व्यक्ति का नाम दर्ज नहीं है। दस्तावेज में बिल्डिंग के मालिक के तौर पर हरिराम और उनके भाई का उल्लेख किया गया है, लेकिन भाई का नाम स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं है।

निर्माण की अनुमति और अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल
मामले की जांच दक्षिण कैंपस थाने के इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार कर रहे हैं। हादसे के बाद अब कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पुरानी इमारत की नींव अतिरिक्त भार सहने की स्थिति में नहीं थी, तो उस पर चार मंजिलों का निर्माण कैसे कराया गया? इतने बड़े निर्माण की अनुमति किस स्तर पर दी गई थी? क्या निर्माण के दौरान संबंधित अधिकारियों ने इमारत की सुरक्षा और संरचनात्मक मजबूती की जांच की थी?पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है। सत्य निकेतन हादसे ने न केवल अवैध और असुरक्षित निर्माण पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि भवन निर्माण की निगरानी और संबंधित विभागों की जवाबदेही को भी कठघरे में ला दिया है।