ईरान डील पर डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान: ‘जल्दबाजी की कोई जरूरत नहीं, जब तक दस्तखत नहीं होते, जारी रहेगी नाकाबंदी’

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वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित परमाणु समझौते को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि इस मामले में किसी भी तरह की जल्दबाजी की जरूरत नहीं है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत बेहद व्यवस्थित और रचनात्मक तरीके से सही दिशा में आगे बढ़ रही है। ट्रंप ने साफ किया कि उन्होंने अपने प्रतिनिधियों को डील के लिए हड़बड़ी न करने के निर्देश दिए हैं, क्योंकि समय फिलहाल अमेरिका के पक्ष में है। राष्ट्रपति ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि जब तक दोनों देशों के बीच पूर्ण समझौता नहीं हो जाता, उसे प्रमाणित नहीं कर दिया जाता और उस पर अंतिम हस्ताक्षर नहीं हो जाते, तब तक ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी पूरी तरह जारी रहेगी।

इस दौरान ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में हुए पुराने ईरान समझौते पर निशाना साधते हुए उसे ‘नौसिखियों का खराब समझौता’ करार दिया, जिसने ईरान को परमाणु रास्ते पर जाने की छूट दी। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि अब ईरान के साथ अमेरिका के संबंध कहीं अधिक पेशेवर हैं, लेकिन तेहरान को यह साफ समझ लेना होगा कि वे किसी भी कीमत पर परमाणु बम नहीं बना सकते।

फिलहाल व्हाइट हाउस का मानना है कि ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने समझौते के व्यापक ढांचे का समर्थन किया है, हालांकि तेहरान ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने भी दोहराया है कि उनका देश परमाणु हथियार नहीं चाहता। इस प्रस्तावित समझौते के तहत 60 दिनों का युद्धविराम, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना और समुद्री प्रतिबंधों में धीरे-धीरे ढील देना शामिल है, लेकिन अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम के भंडार को नष्ट करने जैसे प्रमुख विवादित मुद्दों को अंतिम रूप देने में अभी कई दिन लग सकते हैं।