धमतरी। छत्तीसगढ़ की धमतरी पुलिस ने तकनीकी सूझबूझ और कड़े अभियान के जरिए एक बार फिर आम जनता का दिल जीत लिया है। पुलिस ने साइबर ट्रैकिंग की मदद से विभिन्न राज्यों से खोजे गए 151 गुमशुदा मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को वापस सौंप दिए हैं। पुलिस लाइन रुद्री स्थित कंपोजिट बिल्डिंग में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान जब लोगों को उनके महीनों और सालों पहले खो चुके फोन वापस मिले, तो कई लोग भावुक हो उठे। इस पूरे अभियान का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक (एसपी) सूरज सिंह परिहार ने किया, जिनकी देखरेख में चलाया जा रहा “गुम मोबाइल वापसी अभियान” अब तक सैकड़ों चेहरों पर खुशी ला चुका है। इस खास मौके पर धमतरी के महापौर जगदीश रामू रोहरा और कलेक्टर अविनाश मिश्रा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

धमतरी पुलिस की साइबर टीम ने इन मोबाइलों को ढूंढने के लिए बेहद बारीकी से काम किया। लोकेशन ट्रैकिंग के दौरान पता चला कि कई फोन ओड़िशा और मध्य प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों में इस्तेमाल हो रहे थे। लगातार निगरानी और कड़े तकनीकी विश्लेषण के बाद पुलिस ने इन्हें सफलतापूर्व रिकवर किया। कार्यक्रम के दौरान मोबाइल पाने वाले रावां गांव के सीताराम गजेंद्र और रायपुर के कल्पेश ने पुलिस का आभार जताते हुए इसे किसी चमत्कार जैसा बताया। गौरतलब है कि धमतरी पुलिस इससे पहले भी रिकॉर्ड 670 से अधिक मोबाइल रिकवर कर जनता को लौटा चुकी है।

इस भावुक कार्यक्रम के दौरान एसपी सूरज सिंह परिहार ने दो दिन पहले एक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले प्रधान आरक्षक स्वर्गीय विजय बैरागी को श्रद्धांजलि भी दी। उन्होंने कहा कि आज के दौर में मोबाइल सिर्फ एक डिवाइस नहीं, बल्कि इंसान की जिंदगी का अहम हिस्सा है, इसलिए पुलिस पूरी संवेदनशीलता के साथ इसे खोजने में जुटी रहती है। वहीं महापौर और कलेक्टर ने भी साइबर टीम के इस बेहतरीन टीमवर्क की जमकर सराहना की। इस अभियान ने न केवल लोगों के कीमती फोन लौटाए हैं, बल्कि खाकी के प्रति जनता के विश्वास को और ज्यादा मजबूत कर दिया है।
