राजनांदगांव। दुर्ग-राजनांदगांव-गोंदिया रेलखंड पर चल रही गाड़ी संख्या 17008 दरभंगा-चर्लापल्ली एक्सप्रेस में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा रेल हादसा टल गया। ट्रेन के दो एसी कोचों के नीचे से धुआं उठता देख अनुरक्षण दल ने तत्काल चेन पुलिंग कर ट्रेन को सुरक्षित रोका और अग्निशामक यंत्र की मदद से स्थिति पर काबू पा लिया। घटना में किसी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है।
जानकारी के अनुसार, 5 अगस्त को आरपीएफ के प्रधान आरक्षक अनिरुद्ध पासवान और आरक्षक देवेंद्र सिंह दुर्ग से गोंदिया के बीच अनुरक्षण ड्यूटी पर तैनात थे। गुदमा-गोंदिया रेलखंड के बीच यात्रा के दौरान उन्हें ब्रेक जलने जैसी तेज गंध महसूस हुई। जांच करने पर बी-07 और बी-03 एसी कोच के नीचे से घना धुआं निकलता दिखाई दिया, जिसके बाद संभावित खतरे को देखते हुए तुरंत ट्रेन रोकने का निर्णय लिया गया।
अनुरक्षण दल ने चेन पुलिंग कर ट्रेन को किलोमीटर 996/14-15 पर सुरक्षित रोका और एसी मैकेनिक, टीटीई, सहायक लोको पायलट तथा गार्ड को सूचना दी। ट्रेन रुकते ही आरपीएफ जवानों ने कोचों में मौजूद अग्निशामक यंत्रों से धुएं और आग की स्थिति पर तुरंत नियंत्रण पा लिया। पूरी कार्रवाई के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई और किसी तरह की अफरा-तफरी नहीं होने दी गई।
बाद में ट्रेन दोपहर 12:13 बजे गोंदिया स्टेशन पहुंची, जहां बी-एंड-एफ विभाग और आरपीएफ अधिकारियों ने प्रभावित कोचों का संयुक्त निरीक्षण किया। तकनीकी जांच के बाद दोनों कोचों के ब्रेक आइसोलेट कर आवश्यक सुरक्षा परीक्षण किए गए। सभी जांच संतोषजनक पाए जाने के बाद ट्रेन को सुरक्षित रूप से आगे के गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।
