अमरनाथ यात्रा 2026 का शुभारंभ: जम्मू से रवाना हुआ पहला जत्था, सुरक्षा के अभेद्य घेरे में बाबा बर्फानी के भक्त

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अमरनाथ यात्रा 2026 का पवित्र आगाज हो चुका है। बुधवार सुबह जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से श्रद्धालुओं का पहला जत्था बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए रवाना हुआ। ‘बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के गगनभेदी जयघोष से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल एवं श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष मनोज सिन्हा ने सुबह 4 बजे श्रद्धालुओं को हरी झंडी दिखाकर यात्रा की शुरुआत कराई और सभी यात्रियों की सुखद एवं सुरक्षित यात्रा की कामना की।

पहले जत्थे में केवल उन्हीं श्रद्धालुओं को शामिल किया गया, जिन्होंने पहले से पंजीकरण कराया, RFID कार्ड बनवाया और ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी की थी। इस वर्ष 57 दिनों तक चलने वाली यह पवित्र यात्रा 3 जुलाई से पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों से शुरू होकर 28 अगस्त, रक्षाबंधन के दिन संपन्न होगी।

यात्रा शुरू होने से पहले जम्मू-कश्मीर के प्रवेश द्वार लखनपुर में श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत किया गया। वहीं श्रीनगर के पंथाचौक बेस कैंप, बालटाल (गांदरबल) और पहलगाम के नुनवान (अनंतनाग) शिविरों में हजारों श्रद्धालु पहले ही पहुंच चुके हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए श्रीनगर एयरपोर्ट से पंथाचौक तक 131 हेल्प डेस्क और 40 तत्काल पंजीकरण केंद्र बनाए गए हैं। विभिन्न धार्मिक संस्थाओं द्वारा लंगर और अन्य सुविधाओं की भी व्यापक व्यवस्था की गई है।

इस बार यात्रा की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। पहलगाम और बालटाल मार्गों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की 670 कंपनियां तैनात हैं। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर पुलिस, बीएसएफ, सेना, सीआरपीएफ और कोबरा कमांडो पूरे यात्रा मार्ग पर चौबीसों घंटे निगरानी रख रहे हैं। करीब 300 किलोमीटर लंबे जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर श्रद्धालुओं के काफिले को विशेष सुरक्षा घेरे में आगे बढ़ाया जा रहा है।बालटाल और पहलगाम पहुंचने के बाद श्रद्धालु शुक्रवार सुबह पवित्र अमरनाथ गुफा की ओर प्रस्थान करेंगे, जहां बाबा बर्फानी के दिव्य हिमलिंग के दर्शन कर अपनी आध्यात्मिक यात्रा को पूर्ण करेंगे। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु आवागमन सुनिश्चित करने के लिए काफिले के गुजरने तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर अन्य वाहनों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी जाती है।