लखनऊ। ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भाजपा ने इसे भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरणादायक विरासत बताते हुए देशभक्ति की भावना का प्रतीक बताया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि यह गीत केवल एक रचना नहीं, बल्कि देश की आजादी के संघर्ष का अमिट प्रतीक है, जिसने लाखों स्वतंत्रता सेनानियों को प्रेरित किया। राकेश त्रिपाठी ने कहा कि “वंदे मातरम् वही गीत है जिसे गाते हुए देश के क्रांतिकारी फांसी के फंदे तक पहुंचे। यह ऐसा गीत है जिसे सुनते ही हर भारतीय की रगों में देशभक्ति का जोश दौड़ने लगता है और मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना और प्रबल होती है।”
उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ का सम्मान हर नागरिक का दायित्व है। इसके अपमान को रोकने के लिए कानून बनाया गया है और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उनका कहना था कि लाल किले से ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन और प्रस्तुति देशवासियों में राष्ट्रभक्ति की भावना को और अधिक मजबूत करेगी।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि भारत की स्वतंत्रता की लड़ाई में इस गीत ने लोगों को एकजुट करने और अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। आज भी यह गीत नई पीढ़ी को राष्ट्रप्रेम, त्याग और एकता का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि 150वीं वर्षगांठ का यह अवसर देश के स्वतंत्रता संग्राम के नायकों को याद करने और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का संकल्प दोहराने का भी अवसर है।
