भोपाल। भोपाल रियासत की अरबों रुपये की शत्रु संपत्ति की जांच को लेकर फिल्म अभिनेता सैफ अली खान और उनके परिवार की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। इस हाईप्रोफाइल मामले में अब मांग उठने लगी है कि सैफ अली खान और उनके परिजनों से नवाब भोपाल की निजी संपत्तियों से जुड़े सभी ऐतिहासिक और मूल दस्तावेज सार्वजनिक कराए जाएं।
दरअसल, भारत सरकार ने शत्रु संपत्ति प्रकरण में सैफ अली खान, शर्मिला टैगोर, सबाह अली खान, सोहा अली खान और सबीहा सुल्तान को नवाब भोपाल की संपत्तियों का वारिस मानते हुए नोटिस जारी किए थे। इसके जवाब में पटौदी परिवार ने हाईकोर्ट जबलपुर में भारत सरकार और मध्य प्रदेश शासन के खिलाफ याचिकाएं दायर की हैं।
मामले की निष्पक्ष जांच के लिए अब यह मांग की जा रही है कि पटौदी परिवार के पास मौजूद 29 अप्रैल 1949 को तत्कालीन सचिव वी.पी. मेनन द्वारा हस्ताक्षरित मूल नक्शा, 30 अप्रैल 1949 का मूल मर्जर एग्रीमेंट (विलय समझौता) और 1 जून 1949 से पहले तैयार की गई नवाब भोपाल की व्यक्तिगत संपत्तियों की मूल सूची को जनता के सामने लाया जाए। जानकारों का मानना है कि इन ऐतिहासिक दस्तावेजों के सार्वजनिक होने से ही शत्रु संपत्ति की सटीक जांच संभव हो सकेगी।
