बस्तर का यू-टर्न: ‘बंदूक से बिजनेस’ तक, इनोवेशन महाकुंभ से युवाओं को नई उड़ान

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बस्तर। छत्तीसगढ़ का बस्तर अब अपनी पुरानी छवि से बाहर निकलकर विकास, शिक्षा और स्टार्टअप की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। इसी बदलाव को नई गति देने के लिए बस्तर यूनिवर्सिटी में 4 और 5 मई को ‘इनोवेशन महाकुंभ’ का आयोजन किया जा रहा है। यह पहल खासतौर पर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें रोजगार खोजने के बजाय रोजगार देने वाला बनाने पर केंद्रित है।

इस दो दिवसीय आयोजन में बस्तर संभाग के सात जिलों-कांकेर, नारायणपुर, कोंडागांव, बस्तर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर- से 1000 से अधिक युवा हिस्सा लेंगे। इनमें बड़ी संख्या में आदिवासी छात्र-छात्राएं शामिल हैं। उन्हें स्टार्टअप, बिजनेस प्लानिंग और उद्यमिता की बारीकियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम की खास बात यह है कि, करीब 200 पुनर्वासित माओवादी भी इसमें भाग लेंगे।

यह कदम उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने और सकारात्मक दिशा देने की कोशिश है। देशभर से 50 से अधिक विशेषज्ञ, जिनमें आईआईटी भिलाई और विभिन्न सरकारी संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हैं, युवाओं का मार्गदर्शन करेंगे। सभी सत्रों का अनुवाद स्थानीय हल्बी भाषा में भी किया जाएगा, ताकि हर युवा इसे आसानी से समझ सके। साथ ही हजारों छात्र इस कार्यक्रम को ऑनलाइन माध्यम से भी जुड़कर देख सकेंगे। राज्यपाल, गृह मंत्री और मुख्यमंत्री की मौजूदगी इस आयोजन के महत्व को और बढ़ाती है। यह महाकुंभ बस्तर को नक्सलवाद की पहचान से निकालकर नवाचार और स्टार्टअप हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।