बालोद। रात के अंधेरे में ट्रकों की टंकियों पर डाका डालने वाला अंतर्राज्यीय चोर गिरोह आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया है। बालोद पुलिस की कार्यवाही से चौकाने वाला खुलासा हुआ है। बालोद जिले में ट्रकों से डीजल चोरी करने वाले एक अंतर्राज्यीय चोर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी का 490 लीटर डीजल, तीन वाहन, मोबाइल फोन और चोरी में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण सहित कुल 5 लाख 51 हजार रुपए का सामान जब्त किया है। वहीं गिरोह का एक सदस्य अभी भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले के छापीहेड़ा निवासी 19 वर्षीय शिवपाल उर्फ शिवा वाल्मीकि और 25 वर्षीय देवेंद्र विश्वकर्मा के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ बालोद और अर्जुन्दा थानों में पहले से भी डीजल चोरी के मामले दर्ज हैं। मामले का खुलासा तब हुआ जब नेवारीखुर्द निवासी खिलेश्वर सिंह तारम ने शिकायत दर्ज कराई कि गांव में खड़े दो ट्रकों की टंकियों से करीब 560 लीटर डीजल चोरी हो गया है। शिकायत मिलते ही पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई और जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने झलमला क्षेत्र में नाकाबंदी की। इसी दौरान एक संदिग्ध स्विफ्ट डिजायर कार को रोका गया। पुलिस को देखते ही कार चालक समीर मेवाती मौके से फरार हो गया, जबकि दो आरोपियों को पकड़ लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए।

आरोपियों ने बताया कि, वे 3 जून से 7 जून के बीच लगातार बालोद जिले के नेवारीखुर्द, जगतरा, लाटाबोड़ और बालोद शहर सहित कई इलाकों में सड़क किनारे खड़े ट्रकों को निशाना बना रहे थे। गिरोह के सदस्य पहले ट्रकों की टंकियों का ताला तोड़ते थे और फिर पाइप की मदद से डीजल निकालकर गैलनों में भर लेते थे। इसके बाद चोरी का डीजल भिलाई ले जाकर बेचा जाता था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि चोरी से कमाए गए पैसों से आरोपियों ने एक पुरानी स्कॉर्पियो खरीदी थी और करीब 80 हजार रुपए अपने बैंक खातों में जमा कराए थे।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने भिलाई के सेक्टर-6 स्थित एक परित्यक्त परिसर में छापेमारी कर 490 लीटर डीजल से भरे 14 गैलन बरामद किए। इसके साथ ही एक सुमो गोल्ड, एक स्कॉर्पियो, स्विफ्ट डिजायर कार, मोबाइल फोन और चोरी में इस्तेमाल किए गए उपकरण भी जब्त किए गए। बालोद थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। वहीं फरार आरोपी समीर मेवाती और गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह जिले में हुई कई अन्य डीजल चोरी की घटनाओं में भी शामिल रहा है।

बालोद पुलिस की इस कार्रवाई ने न सिर्फ डीजल चोरों के नेटवर्क की परतें खोल दी हैं, बल्कि यह भी साफ कर दिया है कि अपराधी चाहे कितनी भी चालाकी से वारदात को अंजाम दें, कानून की पकड़ से ज्यादा दिनों तक बच नहीं सकते। आरोपियों को पकड़ने में निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा, सउनि देवकुमार कोर्राम, प्र.आर. हरिशंचद्र सिन्हा, आरक्षक जितेन्द्र कुमार सिन्हा, संजय सोनी, मोहन कोकिला, बनवाली साहू, सायबर सेल प्रभारी धरम भुआर्य, आरक्षक विवेक शाही, संदीप यादव, राहुल मनहरे, आकाश सोनी, आकाश दुबे,पुरन देवांगन,विपिन गुप्ता, गुलजारी साहू,भोपसिंह साहू की विशेष योगदान रहा।
