छात्र की गैरमौजूदगी पर नहीं दी जानकारी, आश्रम अधीक्षक पर गिरी गाज; कलेक्टर ने किया निलंबित

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कोरिया। आदिवासी बालक आश्रम मझारटोला में एक छात्र के बिना सूचना अनुपस्थित पाए जाने के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। छात्र के आश्रम से अनुपस्थित होने की जानकारी समय पर उच्चाधिकारियों तक नहीं पहुंचाने को गंभीर लापरवाही मानते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी रोक्तिमा यादव ने आश्रम अधीक्षक अशोक एक्का को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मामले की पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए एसडीएम सोनहत को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

प्रशासन के मुताबिक 8 सितंबर 2026 को कक्षा 4वीं में पढ़ने वाला छात्र प्रिंस, पिता बिजेन्द्र सिंह, सुबह करीब 7 बजे से आश्रम में मौजूद नहीं था। इसके बावजूद अधीक्षक की ओर से छात्र की अनुपस्थिति की सूचना संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी गई। इसे कर्तव्य में गंभीर चूक मानते हुए संबंधित सेवा नियमों के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई है। एसडीएम सोनहत अब छात्र के आश्रम से अनुपस्थित होने की परिस्थितियों के साथ-साथ आश्रम प्रबंधन की कार्यप्रणाली और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की जांच करेंगे। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदारी तय कर दोषी पाए जाने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। निलंबन अवधि के दौरान अशोक एक्का का मुख्यालय सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, कोरिया कार्यालय रहेगा और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

कलेक्टर ने जिले के आश्रमों और छात्रावासों में रह रहे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नियमित उपस्थिति की निगरानी और किसी भी घटना की सूचना तत्काल उच्च स्तर पर देने पर जोर दिया है। प्रशासन ने कहा है कि बच्चों की सुरक्षा और देखरेख में लापरवाही सामने आने पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।