ईवी अपनाने से 2030 तक भारत को मिल सकती है रु.1 लाख करोड़ की बचत, घटेगा तेल आयात बिल

Follow Us

नई दिल्ली। दिल्ली में जारी एसबीआई रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को अपनाने की बढ़ती रफ्तार से भारत का आयात बिल 2030 तक करीब रु.1 लाख करोड़ तक कम हो सकता है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच देश में EV की मांग तेजी से बढ़ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में EV की मौजूदा बाजार हिस्सेदारी लगभग 10% है, जो 2030 तक बढ़कर 20% तक पहुंच सकती है। इसी रफ्तार के चलते 2026 में EV रजिस्ट्रेशन 25 लाख से भी अधिक होने का अनुमान है।

मार्च से जून के बीच EV रजिस्ट्रेशन में तेज उछाल देखने को मिला है, जहां औसतन 2.3 लाख वाहन प्रति माह दर्ज किए गए। 2024 में यह आंकड़ा केवल 1.3 लाख था। देश में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर अभी भी असमान रूप से विकसित है, जहां कुल 29,151 चार्जिंग स्टेशन हैं और इनमें से एक बड़ा हिस्सा केवल कुछ राज्यों में केंद्रित है। रिपोर्ट में कहा गया है कि, ईवी की सफलता चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार पर निर्भर करेगी। साथ ही, दिल्ली सहित कई राज्यों की EV नीतियां इस बदलाव को और तेज कर रही हैं। 2030 तक भारत में कुल वाहनों की संख्या 4 करोड़ तक पहुंच सकती है, जिनमें 20% EV होने का अनुमान है।