जयपुर। सावन का पवित्र महीना भगवान शिव की आराधना के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दौरान देशभर में भक्त शिव मंदिरों में पहुंचकर भोलेनाथ का आशीर्वाद लेते हैं। इसी आस्था से जुड़ा राजस्थान का एक प्राचीन मंदिर अपनी अनोखी मान्यता और रहस्यमयी इतिहास के कारण श्रद्धालुओं के बीच खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
जयपुर से करीब 85 किलोमीटर दूर विराटनगर के पंचखंड पर्वत पर स्थित पांडेश्वर महादेव मंदिर में दुनिया का एकमात्र 12 मुख वाला शिवलिंग स्थापित होने का दावा किया जाता है। करीब 6 टन वजनी इस शिवलिंग की ऊंचाई लगभग सवा सात फीट है। माना जाता है कि, इस मंदिर का संबंध महाभारत काल से जुड़ा हुआ है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने इसी क्षेत्र की गुफाओं में कुछ समय बिताया था। कहा जाता है कि, उन्होंने यहां भगवान शिव की पूजा के लिए शिवलिंग स्थापित किया और अपने शस्त्र भी गुफाओं में छिपाए थे।
इसी वजह से यह स्थान श्रद्धालुओं के लिए और भी महत्वपूर्ण माना जाता है। मंदिर से जुड़ी एक मान्यता यह भी है कि, वर्षों तक गुफा बंद रहने के बाद दोबारा यहां पूजा शुरू हुई। समय के साथ पुराने शिवलिंग के क्षतिग्रस्त होने के बाद वर्ष 2004 में नए विशाल शिवलिंग की स्थापना की गई। आज भी कई साधु-संत और अघोरी यहां साधना करने पहुंचते हैं। सावन और महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा और धार्मिक आयोजन होते हैं। भक्तों की मान्यता है कि, 12 मुख वाले इस शिवलिंग के दर्शन से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

