कोण्डागांव। शिक्षक दिवस के अवसर पर कोण्डागांव पुलिस ने जिले के सभी स्कूलों में विशेष ‘साइबर जागृति अभियान चलाकर विद्यार्थियों, शिक्षकों और विद्यालयीन स्टाफ को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया। अभियान का उद्देश्य सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा देना और बच्चों को साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों से बचने के लिए सतर्क करना रहा। पुलिस अधीक्षक पंकज चन्द्रा, आईपीएस के मार्गदर्शन में पुलिस अधिकारी और जवान विभिन्न विद्यालयों में पहुंचे। इस दौरान पुलिस ने ‘साइबर शिक्षक की भूमिका निभाते हुए विद्यार्थियों और शिक्षकों को इंटरनेट, मोबाइल, सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग के सुरक्षित इस्तेाल के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी।
शिक्षक बनेंगे साइबर जागरूकता की कड़ी
कार्यक्रम में पुलिस ने शिक्षकों को बताया कि वर्तमान समय में विद्यार्थी बड़ी संख्या में इंटरनेट और सोशल मीडिया का उपयोग कर रहे हैं। ऐसे में शिक्षक बच्चों को साइबर अपराधों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। शिक्षकों को ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड और बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी से साझा नहीं करने, अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने तथा फर्जी कॉल और केवाईसी अपडेट के नाम पर होने वाली ठगी से सावधान रहने की समझाइश दी गई। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने, साइबर बुलिंग और ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग के खतरों की जानकारी भी दी गई। पुलिस ने शिक्षकों से अपील की कि वे स्वयं साइबर जागरूक बनें और विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके अभिभावकों तक भी साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाएं, ताकि स्कूल से लेकर परिवार और समाज तक जागरूकता की मजबूत कड़ी तैयार हो सके।
शिक्षकों का मोमेंटो देकर सम्मान
शिक्षक दिवस के अवसर पर साइबर जागृति अभियान के दौरान विद्यालयों में पदस्थ शिक्षकों को मोमेंटो भेंटकर सम्मानित भी किया गया। पुलिस ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को शिक्षा देने का कार्य नहीं करते, बल्कि वे बच्चों को सही दिशा दिखाने और सुरक्षित समाज के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पुलिस ने कहा कि जिस तरह शिक्षक शिक्षा के माध्यम से बच्चों का भविष्य तैयार करते हैं, उसी तरह डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा की जानकारी देकर उनकी डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करना भी सामूहिक जिम्मेदारी है।
विद्यार्थियों को बताए साइबर ठगी से बचने के उपाय
स्कूलों में विद्यार्थियों को विशेष रूप से समझाया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति को ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड या निजी जानकारी न दें। संदिग्ध लिंक, एपीके फाइल, ई-मेल अथवा सोशल मीडिया संदेश पर बिना जांचे क्लिक न करने की सलाह दी गई। इसके अलावा फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल, ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग और अन्य साइबर ठगी के तरीकों से सावधान रहने की जानकारी दी गई। पुलिस ने विद्यार्थियों से कहा कि यदि वे किसी साइबर अपराध का शिकार होते हैं तो घटना को छिपाने के बजाय तत्काल अपने परिजनों, शिक्षक या पुलिस को जानकारी दें। साथ ही साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी भी दी गई।
‘साइबर जागरूक शिक्षक ही सुरक्षित पीढ़ी बनाएंगे
शिक्षक दिवस पर कोण्डागांव पुलिस ने जिले के सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षक समाज के भविष्य निर्माता हैं और आज के डिजिटल युग में साइबर जागरूक शिक्षक ही सुरक्षित डिजिटल पीढ़ी का निर्माण कर सकते हैं। अभियान के माध्यम से पुलिस ने साइबर अपराधों की रोकथाम में जागरूकता और सामूहिक भागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने का संदेश दिया।
कोण्डागांव पुलिस—हमेशा आपके साथ, आपकी सुरक्षा हमारा संकल्प।
