नई दिल्ली। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच तकनीक ने एक नया इतिहास रच दिया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने दावा किया है कि पहली बार पूरी तरह मानवरहित रोबोटिक सिस्टम के जरिए दुश्मन के ठिकाने पर कब्जा किया गया, जहां रूसी सैनिकों ने आत्मसमर्पण कर दिया। जेलेंस्की के अनुसार, यूक्रेनी सेना ने ग्राउंड रोबोटिक सिस्टम और ड्रोन की मदद से इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। उन्होंने कहा कि इस मिशन में कोई भी पैदल सैनिक शामिल नहीं था और यूक्रेन की ओर से कोई हताहत नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि 2026 के पहले तीन महीनों में यूक्रेन की रोबोटिक प्रणालियों ने अग्रिम मोर्चे पर 22,000 से अधिक मिशन पूरे किए हैं। इससे यह साबित होता है कि खतरनाक इलाकों में रोबोट भेजकर सैनिकों की जान बचाई जा रही है। यूक्रेन वर्तमान में Ratel, TerMIT, Ardal, Rys, Zmiy, Protector और Volia जैसे कई ग्राउंड रोबोटिक सिस्टम का उपयोग कर रहा है। ये सिस्टम न केवल हमले करने में सक्षम हैं, बल्कि युद्ध क्षेत्र से घायल सैनिकों को सुरक्षित निकालने में भी मदद करते हैं। इसके अलावा, जनवरी में Droid TW-7.62 नामक एक उन्नत रोबोट ने AI तकनीक की मदद से तीन रूसी सैनिकों को पकड़ने में सफलता हासिल की थी। यह रोबोट दुश्मनों की पहचान, ट्रैकिंग और जरूरत पड़ने पर हमला करने में सक्षम है। यह घटनाक्रम आधुनिक युद्ध में तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है, जहां मशीनें अब सीधे युद्ध के मैदान में उतरकर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
यूक्रेन युद्ध में नया मोड़: पहली बार रोबोटिक सिस्टम से दुश्मन ठिकाने पर कब्जा, सैनिकों ने किया सरेंडर
