नई दिल्ली। अगर आप घूमने के साथ रोमांच का भी अनुभव करना चाहते हैं, तो भारत के ग्लास स्काईवॉक्स आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर होने चाहिए। पारदर्शी कांच से बने ये स्काईवॉक सैकड़ों फीट की ऊंचाई पर स्थित हैं, जहां चलते समय ऐसा महसूस होता है मानो आप हवा में कदम रख रहे हों। प्राकृतिक खूबसूरती और एडवेंचर का यह अनोखा संगम देश के अलग-अलग राज्यों में देखने को मिलता है।
सिक्किम का पेलिंग स्काईवॉक देश के सबसे लोकप्रिय ग्लास ब्रिजों में शामिल है। यहां से दुनिया की तीसरी सबसे ऊंची चोटी कंचनजंघा का मनमोहक दृश्य दिखाई देता है। यह जगह प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए खास आकर्षण का केंद्र है।
बिहार के राजगीर ग्लास ब्रिज का निर्माण रत्नागिरी की पहाड़ियों के बीच करीब 200 फीट की ऊंचाई पर किया गया है। चीन के प्रसिद्ध हांगझोऊ ग्लास ब्रिज से प्रेरित यह स्काईवॉक रोमांच के साथ नेचर सफारी और घने जंगलों का शानदार अनुभव भी देता है।
तमिलनाडु के कन्याकुमारी ग्लास ब्रिज की खासियत यह है कि यह समुद्र के ऊपर बना भारत का पहला ग्लास ब्रिज है। यह संत तिरुवल्लुवर प्रतिमा और विवेकानंद रॉक मेमोरियल को जोड़ता है। यहां से समुद्र का मनोरम दृश्य पर्यटकों को खास अनुभव देता है।
केरल के वायनाड ग्लास ब्रिज को इटली से मंगाए गए अनब्रेकेबल फाइबर ग्लास से तैयार किया गया है। लगभग 100 फीट की ऊंचाई पर बना यह ब्रिज हरियाली और पहाड़ों के बीच रोमांचक अनुभव प्रदान करता है।
वहीं महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग में नापणे वॉटरफॉल के ऊपर बना ग्लास ब्रिज मानसून के दौरान सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र रहता है। झरनों, हरियाली और रंग-बिरंगी तितलियों के बीच यह स्काईवॉक पर्यटकों को यादगार अनुभव देता है।
अगर आप इस बार किसी अलग और रोमांचक डेस्टिनेशन की तलाश में हैं, तो भारत के ये ग्लास स्काईवॉक्स आपके सफर को यादगार बना सकते हैं।
