कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में माओवादी गतिविधियों से जुड़े वर्ष 2023 के एक मामले में भानुप्रतापपुर की विशेष एनआईए अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश दीपक के. गुप्ता की अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 3,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मामले में शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक टी.एस. यादव ने पैरवी की।
मामला 18 मई 2023 का है। जानकारी के अनुसार, कांकेर जिले के नक्सल प्रभावित कोयलीबेड़ा थाना क्षेत्र में प्रतिबंधित भाकपा माओवादी संगठन की गतिविधियों की सूचना मिलने पर सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने तलाशी अभियान चलाया था। अभियान के दौरान जवान कागबरस, नयापारा और चिलपरस के जंगलों से होते हुए केसोकोड़ी की ओर बढ़ रहे थे। इसी दौरान पहाड़ी जंगल के पास कुछ संदिग्ध लोग दिखाई दिए। सुरक्षा बलों को देखकर वे भागने लगे, जिसके बाद जवानों ने घेराबंदी कर तीन लोगों को पकड़ लिया।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान पीलूराम आंचला उर्फ सालिक राम (35), रमेश पुनेम उर्फ बुधरू (25) और पुनऊ राम मंडावी (22) के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से वॉकी-टॉकी सेट, माओवादी चि_ियां, नक्सली साहित्य, नकदी, गुलेल, टॉर्च और चाकू सहित अन्य सामग्री बरामद की गई थी। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों पर हमला भी किया गया था, जिसमें एक जवान के दाहिने हाथ में चोट आई थी।
घटना के बाद कोयलीबेड़ा थाने में अपराध क्रमांक 08/2023 के तहत भारतीय दंड संहिता, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान साक्ष्य और दस्तावेज जुटाकर आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किया गया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने जब्त सामग्री और अन्य साक्ष्य पेश किए। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए 10-10 साल के सश्रम कारावास और प्रत्येक को 3,500 रुपये अर्थदंड से दंडित किया। इस तरह तीनों पर कुल 10,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
