दंतेवाड़ा राज्योत्सव में संस्कृति और विकास का संगम, पद्मश्री डॉ. बुधरी ताती सहित स्वच्छता दीदियां सम्मानित

Follow Us

दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 26वीं वर्षगांठ के अवसर पर मेंडका डोबरा मैदान में ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ थीम के साथ जिला स्तरीय राज्योत्सव आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और विकास कार्यों की झलक देखने को मिली। इस दौरान पद्मश्री डॉ. बुधरी ताती, उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों और स्वच्छता के क्षेत्र में योगदान देने वाली स्वच्छता दीदियों को सम्मानित किया गया। विभिन्न विभागों ने प्रदर्शनियों के जरिए सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी दी। साथ ही हितग्राहियों को सामग्री भी वितरित की गई।

राज्योत्सव का शुभारंभ बस्तर सांसद महेश कश्यप ने किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हुए प्रदेश के विकास को आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने राज्य गठन के बाद विकास की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि बस्तर के दूरस्थ इलाकों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में गरीब परिवारों, किसानों और वनांचल के लोगों के कल्याण के लिए 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति और तेंदूपत्ता संग्राहकों को 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा भुगतान जैसी पहल की जा रही हैं।

विधायक चैतराम अटामी ने कहा कि लोक संस्कृति, लोककला, तीज-त्योहार और परंपराएं छत्तीसगढ़ की पहचान हैं। बस्तर और दंतेवाड़ा की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए विकास कार्यों को गति देना जरूरी है। जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी ने जिले में सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से हो रहे बदलावों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जिले के युवा शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़कर अपनी पहचान बना रहे हैं।

कार्यक्रम में पद्मश्री डॉ. बुधरी ताती को शॉल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र दिए गए, वहीं स्वच्छता दीदियों को भी उनके योगदान के लिए सम्मान मिला। विभागीय प्रदर्शनियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। इस अवसर पर महिला आयोग की सदस्य ओजस्वी मंडावी सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।