गुरुकुल भाटापारा के विद्यार्थियों का राजस्थान शैक्षिक भ्रमण सकुशल संपन्न: जयपुर, अजमेर और पुष्कर की ऐतिहासिक संस्कृति से रूबरू हुए छात्र

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​भाटापारा। गुरुकुल विद्यालय, भाटापारा द्वारा कक्षा 9वीं से 12वीं तक के 104 विद्यार्थियों के लिए 22 से 27 अक्टूबर तक आयोजित छह दिवसीय राजस्थान शैक्षणिक भ्रमण अत्यंत सफलता, उत्साह और सुरक्षा के साथ संपन्न हुआ। 11 शिक्षकों एवं 1 सहायक के मार्गदर्शन में 22 अक्टूबर को भाटापारा से जयपुर के लिए रवाना हुए दल के लिए होटल पिंक पर्ल (चोखा पंजाब) में ठहरने की व्यवस्था की गई, जहाँ बच्चों ने झूलों, थ्रिल राइड्स, टॉय ट्रेन, डायनासोर पार्क, कैमल राइड्स, स्विमिंग पूल और डांस का भरपूर आनंद लिया। चोखा पंजाब में विद्यार्थियों ने लाइव पॉटरी मेकिंग (मिट्टी के बर्तन बनाना) और कपड़े बुनने की कला को प्रत्यक्ष देखा; यहाँ के ‘कला ग्राम’ में ग्रामीण जीवन की सजीव झलक देखकर छात्र प्रसन्नता से भर गए।

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यात्रा के प्रथम दिवस विद्यार्थियों ने भव्य राजपूत वास्तुकला के प्रतीक ‘आमेर फोर्ट’, मानसागर झील के बीच स्थित ‘जल महल’, पारंपरिक ‘राजस्थान टेक्स्टाइल’ में लाइव ब्लॉक प्रिंटिंग, तथा आध्यात्मिक शांति प्रदान करने वाले ‘बिड़ला मंदिर’ व ‘गोविंद देव जी मंदिर’ के दर्शन किए। दूसरे दिन 953 झरोखों वाले ‘हवा महल’, मिस्र की ममी व ऐतिहासिक अवशेषों से सुसज्जित ‘अल्बर्ट हॉल म्यूजियम’, प्राचीन खगोलीय वेधशाला ‘जंतर-मंतर’, आकर्षक ‘तोरण द्वार’ और ख़रीदारी के लिए प्रसिद्ध ‘बापू बाज़ार’ का भ्रमण किया। तीसरे दिन दल ने विश्व प्रसिद्ध ‘ब्रह्मा जी मंदिर’ (पुष्कर), स्थानीय पुष्कर बाज़ार और पुष्कर के रेतीले टीलों में रोमांच से भरी ‘सैंड ड्यून्स (डेज़र्ट सफारी)’ का आनंद लिया, जिसके बाद 26 अक्टूबर को अजमेर से ट्रेन द्वारा वापसी कर 27 अक्टूबर को संपूर्ण दल सकुशल भाटापारा पहुँचा।

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​भ्रमण के दौरान छात्रों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और स्वाद का विशेष ध्यान रखते हुए प्रतिदिन सभी पहरों में गुणवत्तापूर्ण नाश्ते, दोपहर व रात के भोजन का उत्कृष्ट प्रबंध किया गया। यात्रा के दौरान विद्यार्थियों ने राजस्थान के प्रसिद्ध पारंपरिक व्यंजनों—दाल-बाटी-चूरमा, मिस्सी रोटी और आइसक्रीम का विशेष आनंद लिया। शिक्षकों की मुस्तैदी और सजगता के कारण पूरी यात्रा में किसी भी छात्र या शिक्षक को किसी प्रकार की असुविधा या चोट नहीं पहुँची और यह प्रवास पूरी तरह सुरक्षित रहा। इस शैक्षणिक यात्रा के सफल एवं सुगम संचालन में विद्यालय प्रबंधन रौनक मूंदड़ा, उप-प्राचार्य प्रशांत सुसारी एवं भ्रमण दल में शामिल सभी शिक्षकों का सराहनीय व भरपूर सहयोग रहा, जिसकी बदौलत विद्यार्थी राजस्थान की समृद्ध ऐतिहासिक व सांस्कृतिक यादों का अनमोल खजाना लेकर लौटे।