अमेरिका की बदली तेल नीति से भारत को मिल सकती है राहत, कीमतों में स्थिरता की उम्मीद

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नई दिल्ली। वैश्विक राजनीति और ऊर्जा बाजार में एक बड़ा भूचाल लाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। जिन अमेरिकी प्रतिबंधों और चेतावनियों के आधार पर अमेरिका भारत और चीन जैसे देशों पर रूस से ऊर्जा आयात बंद करने का दबाव बना रहा था, उसी अमेरिका ने खुद अपनी घरेलू जरूरतों और आसमान छूती कीमतों से निपटने के लिए रूस से सीधे डीजल खरीदने का बड़ा फैसला किया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ एक महत्वपूर्ण समझौते के तहत 7 अप्रैल, 2027 तक रूसी डीजल की बिक्री और आयात पर लगे प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से हटाने की घोषणा कर दी है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने घोषणा की है कि वैश्विक और अमेरिकी बाजारों में ईंधन की गंभीर कमी को देखते हुए रूसी डीजल पर प्रतिबंधों में छूट दी जा रही है।

रूस से अमेरिका के इस सौदे से भारत को बड़ी राहत मिली है। अब तक रूस से तेल खरीद को लेकर बार-बार धमकियां दे रहा अमेरिका बैकफुट पर है। फ्री प्रेस जर्नल के अनुसार, इस वैश्विक समझौते से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन आपूर्ति सुचारू होने से भविष्य में कच्चे तेल और डीजल की कीमतों में स्थिरता आ सकती है, जिससे भारत जैसे आयातक देशों के आयात बिल और महंगाई पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि, अमेरिका अब नैतिक रूप से दूसरे देशों पर रूस से तेल न खरीदने का दबाव और टैरिफ की धमकी नहीं दे पाएगा।

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निजी रिफाइनरियों का निर्यात कम हो सकता है:
रिलायंस और नायरा जैसी निजी रिफाइनरियों का इस सौदे से मुनाफा कम हो सकता है। अप्रैल-अगस्त में भारत का पेट्रोलियम उत्पाद निर्यात प्रतिवर्ष 36% बढ़कर 21.7 अरब डॉलर रहा। इसमें ज्यादातर हिस्सा निजी रिफाइनरियों का था। सितंबर में नायरा व रिलायंस ने मिलकर मात्रा के हिसाब से 80% साफ ईंधन निर्यात किया। रिलायंस ने सितंबर में रोज 9.29 लाख बैरल पेट्रोल, डीजल और जेट ईंधन निर्यात किया, जो भारत के कुल साफ-ईंधन निर्यात के 70% से ज्यादा है।

क्या है पुतिन-ट्रंप का सौदा?:
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में व्लादिमीर पुतिन से बातचीत के बाद यह सौदा किया है। समझौते के तहत रूस तुरंत 300,000 टन डीजल अमेरिका और वैश्विक बाजार को भेजेगा, इसके बाद नवंबर में 500,000 टन और आगे चलकर लाखों टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी। अमेरिका में मध्यावधि चुनावों से पहले ईंधन के दाम तेजी से बढ़ने के कारण ट्रंप प्रशासन भारी राजनीतिक दबाव में था। कीमतों को नीचे लाने के लिए आखिरकार अमेरिका को रूस के आगे झुकना पड़ा।

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रूस ने डीजल निर्यात पर दी ढील:
मॉस्को। रूसी सरकार ने शनिवार को डीजल निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंध में तत्काल प्रभाव से ढील देने का एलान किया है। यह फैसला रूसी राष्ट्रपति पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुए अहम समझौते के बाद लिया गया है। समझौते के तहत रूस अब अमेरिकी और वैश्विक बाजारों में डीजल की आपूर्ति फिर से शुरू करेगा। रूस के उप-प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर नोवाक ने कहा कि देश में रिफाइनरी उत्पादन का स्तर काफी मजबूत स्थिति में है।