रायपुर। पितृ पक्ष के अवसर पर शिवार्पण साहित्य संस्था और छत्तीसगढ़ महिला मंच की ओर से ‘पितर पाख’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। 5 अक्टूबर की शाम सिविल लाइन स्थित वृन्दावन सभागार में हुए इस आयोजन में पूर्वजों को याद करने के साथ साहित्यिक और सामाजिक क्षेत्र में योगदान देने वाली हस्तियों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम दो सत्रों में आयोजित हुआ। पहले सत्र में वनवासी कल्याण आश्रम के वरिष्ठ सदस्य कृष्ण कुमार वैष्णव को वनवासी कल्याण और समाज सेवा के लिए प्रतिभा मनोहर सम्मान तथा कवयित्री सुषमा प्रेम पटेल को कविता लेखन के लिए शिव कुमार शर्मा ‘दु:खी’ स्मृति सम्मान प्रदान किया गया। इसके अलावा अन्य विशिष्ट लोगों को भी प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह, शॉल, श्रीफल और पौधे देकर सम्मानित किया गया। शुभारंभ सत्र के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा रहे। उन्होंने कहा कि सेवा, साहित्य, समाज और सम्मान एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। कार्यक्रम में डॉ. माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’, स्वराज्य करुण सहित कई साहित्यकार मौजूद रहे। कृष्ण कुमार वैष्णव ने तिल्दा विकासखंड के एक गांव में रहने वाले सौंरा जनजाति के परिवारों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी साझा की।
दूसरे सत्र की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. सुधीर शर्मा ने की, जबकि छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्र विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने छत्तीसगढ़ी में संबोधित करते हुए पूर्वजों की स्मृति में ऐसे आयोजन को उनके प्रति श्रद्धांजलि बताया। वरिष्ठ साहित्यकार और भाषाविज्ञानी डॉ. चित्तरंजन कर ने भी अपने विचार रखे। इस सत्र में डॉ. माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’, कल्याणी तिवारी, स्वराज्य करुण और वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत शर्मा विशेष अतिथि रहे। कार्यक्रम में सबसे पहले केवल कृष्ण द्वारा निर्मित और निर्देशित एआई आधारित लघु फिल्म ‘सुकून’ दिखाई गई। फिल्म में अस्पताल में जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे एक बीमार व्यक्ति और उसकी सेवा में जुटी पत्नी की भावनाओं को दर्शाया गया, जिसे दर्शकों ने सराहा। इसके बाद काव्य गोष्ठी हुई, जिसमें कई कवियों और कवयित्रियों ने रचनाएं प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम के अंत में सामूहिक फोटोग्राफी भी की गई।
कार्यक्रम का संचालन भारती यादव ने किया। आयोजन की तैयारियों और संचालन में शिवार्पण साहित्य संस्था, छत्तीसगढ़ महिला मंच और आकांक्षा तिवारी की टीम का योगदान रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी और प्रबुद्ध नागरिक शामिल हुए। इस दौरान माधुरी कर, अनामिका, मंजूषा अग्रवाल, अंजलि वैद्य, पल्लवी झा, डॉ. रत्ना पांडेय, नीलिमा मिश्रा, सीमा निगम, रूनाली चक्रवर्ती, राममणि यादव, यशवंत चतुर्वेदी, उदयभान सिंह चौहान और कृष्ण कुमार सिन्हा को भी सम्मानित किया गया।
