दुर्ग। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक अरुण वोरा ने कहा कि भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में दबे-कुचले और वंचित वर्गों को सम्मान और अधिकार देने का काम हुआ। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद कांग्रेस की सरकार का चुनाव में जाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आगे कहा कि “अगर वोट चोरी नहीं होती, तो भूपेश बघेल की सरकार नहीं जाती। जिस तरह से चुनाव परिणाम आए हैं, उसे लेकर कांग्रेस लगातार सवाल उठा रही है। हमें आशंका है कि चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी के कारण जनादेश प्रभावित हुआ।”
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अरुण वोरा ने कहा कि कांग्रेस लगातार चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा की मांग करती रही है। उन्होंने कहा कि यदि मतदाता सूची, मतदान या मतों की गणना को लेकर किसी भी स्तर पर सवाल उठते हैं, तो संबंधित संस्थाओं को तथ्यों के साथ स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि “वोट चोरी” जैसे गंभीर आरोप लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय हैं और इन पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय निष्पक्ष जांच और स्पष्ट जवाब सामने आना चाहिए। लोकतंत्र में जनता का विश्वास बनाए रखना सभी संवैधानिक संस्थाओं की जिम्मेदारी है। अरुण वोरा ने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक अधिकारों और निष्पक्ष चुनाव की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अपनी आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि जनता के मत की सुरक्षा और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता लोकतंत्र की बुनियादी आवश्यकता है।
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