रायपुर । राजधानी रायपुर से बड़ी खबर सामने आ रही है। नवा रायपुर के तूता धरना स्थल पर डीएड अभ्यर्थियों का धरना 85वें दिन भी जारी है। देर रात आई तेज आंधी, तूफान और बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया, लेकिन डीएलएड अभ्यर्थियों का हौसला नहीं टूटा।
तेज हवाओं और बारिश के कारण धरना स्थल पर लगे टेंट फट गए, गद्दे और चटाई सहित अन्य आवश्यक सामान उड़कर बिखर गए। इस प्राकृतिक आपदा में अभ्यर्थियों को लगभग ढाई से तीन लाख रुपये का नुकसान हुआ। बावजूद इसके उन्होंने धरना स्थल नहीं छोड़ा और पूरी रात अपनी मांगों को लेकर डटे रहे।
यह धरना सहायक शिक्षक भर्ती 2023 के तहत 2300 पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर किया जा रहा है। डीएड अभ्यर्थियों का आरोप है कि माननीय हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद शिक्षा विभाग ने नियुक्ति प्रक्रिया में लापरवाही बरती है।
भर्ती प्रक्रिया के पहले चरण में विभाग ने 2621 डीएड अभ्यर्थियों को कॉमन मेरिट सूची में पुनः व्यवस्थित किए बिना स्कूल आवंटित कर दिए। इस त्रुटि के कारण 1316 पूर्णतः पात्र अभ्यर्थी अपने संवैधानिक अधिकार के लिए धरना देने को मजबूर हैं।
अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर विभाग पारदर्शी तरीके से मेरिट सूची का पुनर्गठन करता, तो आज उन्हें नियुक्ति मिल चुकी होती। उन्होंने सरकार और शिक्षा विभाग से अपील की है कि न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए शीघ्र नियुक्ति दी जाए।
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले लगभग 85 दिनों से शांतिपूर्ण आमरण अनशन कर रहे हैं। अगर उनकी मांग जल्द पूरी नहीं हुई, तो वे सड़क पर उतरने और उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। हालांकि प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। यह आंदोलन लगातार जारी है और डीएलएड अभ्यर्थियों की न्यायपूर्ण मांगों को लेकर उनका हौसला भी कम नहीं हुआ है।
“देखा जाए तो डीएलएड अभ्यर्थियों का यह धरना सिर्फ रोजगार की मांग नहीं, बल्कि न्याय और पारदर्शिता की लड़ाई भी है। कठिन मौसम, तूफान और बारिश के बावजूद उनका हौसला टूट नहीं पाया। अब जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की है कि वे न्यायसंगत फैसले लेकर इन युवा अभ्यर्थियों के अधिकारों की रक्षा करें। हमारी निगाहें इस आंदोलन पर बनी रहेंगी और जैसे ही नई जानकारी सामने आएगी, हम आपको तुरंत अपडेट देंगे।
