जगदलपुर । चक्रवाती तूफान ‘अर्नब के प्रभाव से हुई मूसलाधार बारिश के चलते इंद्रावती नदी में पिछले 50 वर्षों का सर्वाधिक जलस्तर दर्ज किया गया। नदी का जलस्तर बढ़कर 12.39 मीटर पहुंच गया, जबकि खतरे का स्तर 8.3 मीटर है। इससे पहले 9 जुलाई 1973 को 12.18 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया था। बाढ़ के कारण नदी तटवर्ती क्षेत्रों में कई गांव जलमग्न हो गए और सड़क संपर्क टूट गया।
जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और बचाव दलों ने राहत एवं बचाव अभियान चलाकर अब तक 833 लोगों को सुरक्षित निकाला है। इनमें 821 लोगों को नावों के जरिए और डोंगाघाट में फंसे 12 लोगों को हेलीकॉप्टर से एयरलिफ्ट कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
जलस्तर घटने के साथ राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाई जा रही है। बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए जिले में 65 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जहां 8,894 नागरिकों को ठहराया गया है। इनमें शहरी क्षेत्र के 8 शिविरों में 2,620 और ग्रामीण क्षेत्र के 57 शिविरों में 6,274 लोग शामिल हैं। राहत शिविरों में प्रभावित नागरिकों के लिए भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयों और स्वास्थ्य परीक्षण समेत आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।

