फगवाड़ा। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में छात्राओं से जुड़े एक कथित यौन उत्पीड़न के मामले को लेकर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए अपुष्ट दावों के बाद बड़ी संख्या में छात्र कैंपस में जुटे और बाद में जालंधर-फगवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर धरना देकर यातायात रोक दिया। दिनभर चले गतिरोध के बाद शाम को पुलिस और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच झड़प हुई।पुलिस छात्रों से बातचीत कर रही थी, तभी पुलिस पर बोतलें फेंकी गईं। पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया। जवाब में छात्रों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इसके बाद पुलिस की 2 गाड़ियों में आग लगा दी गई।
मामला शनिवार रात सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक संदेश के बाद शुरू हुआ। संदेश में एक महिला छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म और उसके बाद आत्महत्या किए जाने का दावा किया गया था। हालांकि, शुरुआती जांच के दौरान पुलिस ने कहा था कि उसे इस तरह की किसी घटना की जानकारी या शिकायत नहीं मिली थी और वायरल दावे अपुष्ट थे। बाद में छात्रों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।
कैंपस में तोड़फोड़, सामान में लगाई आग
विरोध के दौरान छात्रों की भीड़ ने विश्वविद्यालय परिसर में तोड़फोड़ की। सामने आए वीडियो में खिड़कियों के शीशे टूटे हुए और गमलों समेत अन्य सामान क्षतिग्रस्त दिखाई दिया। कुछ सामान में आग लगाए जाने की भी खबर है। इसके बाद छात्रों ने जालंधर-फगवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग को भी अवरुद्ध कर दिया, जिससे सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।
SIT में छात्र प्रतिनिधि भी शामिल
जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला के अनुसार, मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया है। पुलिस ने छात्रों की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज करने के साथ जांच शुरू की है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार SIT में पुलिस अधिकारियों के साथ छात्र प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है।
पुलिस से बातचीत के बावजूद नहीं हटे छात्र
कपूरथला के एसएसपी गौरव तूरा के अनुसार पुलिस ने छात्रों से बातचीत कर उनकी शिकायतें सुनीं और उन्हें सुलझाने का प्रयास किया। इसके बावजूद हाईवे पर धरना जारी रहा। शाम तक गतिरोध बढ़ने के बाद पुलिस ने सड़क खाली कराने के लिए लाठीचार्ज किया और छात्रों की ओर से पथराव किए जाने की बात सामने आई।
विश्वविद्यालय ने दावों को बताया अफवाह
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सोशल मीडिया पर फैल रहे दावों को अफवाह बताते हुए छात्रों और अभिभावकों से केवल आधिकारिक माध्यमों से मिलने वाली जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। एक रिपोर्ट के अनुसार विश्वविद्यालय का कहना है कि वायरल किए जा रहे दावों में तथ्य नहीं हैं। वहीं पुलिस ने मामले की जांच जारी होने की बात कही है।
फिलहाल यौन उत्पीड़न और आत्महत्या से जुड़े दावों की पुलिस जांच कर रही है। इसलिए इन दावों को जांच पूरी होने तक पुष्ट घटना के रूप में नहीं माना जा सकता। इसी बीच कैंपस और आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है तथा हिंसा और संपत्ति के नुकसान को लेकर भी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
