एक ने गन निकाली, बाकी दो ने चाकू, फिर बारी-बारी से की दरिंदगी’, कालकाजी गैंगरेप पीड़िता ने पुलिस को बताई सच्चाई

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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के कालकाजी इलाके में हुई गैंगरेप की घटना के बाद पीड़िता ने पुलिस के सामने बयान दर्ज कराया है। दिल्ली पुलिस से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पीड़िता ने पुलिस को बताया है कि वह जन्मदिन के दिन दोस्त के साथ मंदिर में पूजा के लिए निकली थी। दर्शन के बाद रास्ते में एक पार्क में तीन लोगों ने उन्हें पकड़ा और गैंगरेप किया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, पीड़िता ने अपने बयान में कहा कि वह जन्मदिन के अवसर पर कालकाजी मंदिर में पूजा करने के लिए निकली थी और इसकी जानकारी उसने अपनी बहन को दी थी। शाम को मंदिर में पूजा पाठ के बाद वह अपने दोस्त के साथ लौटी और कालकाजी मेट्रो स्टेशन के बाहर से खाने के लिए चिप्स और पानी की बोतल खरीदी। बाद में वे दोनों इस्कॉन मंदिर जाना चाहते थे, लेकिन उसके पहले खाने-पीने के लिए एक पार्क में चले गए। यहीं तीन लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर उन्हें पकड़ा।

सूत्रों ने बताया कि अपने बयान में पीड़िता ने कहा है कि पार्क में तीन युवक इसके दोस्त के एक तरफ ले गए, जबकि उसे झाड़ियों की ओर ले जाकर तीनों ने बारी-बारी से दुष्कर्म किया। सूत्रों के अनुसार, पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आपस में बातचीत के दौरान एक लड़के ने कहा, ‘आसिफ भाई, गन निकाल।’ जिस लड़के को आसिफ कहकर बुलाया गया, उसने बैंगनी रंग की शर्ट पहन रखी थी और वह तीनों में सबसे ज्यादा मजबूत शरीर वाला था। आसिफ ने काले रंग की बंदूक निकाली और कुछ देर बाद उसे वापस अपनी जेब में रख लिया।

आरोप है कि इसके बाद दोनों लड़कों ने चाकू निकाल लिए और उसे एक सुनसान जगह पर ले गए। आसिफ ने उसके सारे कपड़े उतार दिए और लाल रंग की बेंच पर लिटा दिया। इसके बाद उसने दूसरे लड़के से कहा, ‘हेमू, इधर नजर रखना, कोई इस तरफ न आए।’ आसिफ ने गर्दन पर चाकू रखकर उसके साथ जबरदस्ती की। उसे बहुत दर्द हो रहा था और वह रो रही थी। इसके बाद आसिफ ने हेमू से कहा, ‘हेमू, तुम आओ, मैं दीपु के पास जा रहा हूं।’ इसके बाद हेमू उसे पास की दूसरी बेंच पर ले गया। उसने भी उसकी गर्दन पर चाकू रखा और जबरदस्ती की। इसके बाद तीसरा लड़का, जिसे दोनों दीपु नाम से बुला रहे थे, वहां आया। उसने भी उसकी गर्दन पर चाकू रखा और उसके साथ जबरदस्ती की।

सूत्रों के अनुसार, पीड़िता ने बताया कि तीनों लड़कों ने गैंगरेप के बाद उनके मोबाइल फोन वापस किए और किसी अन्य को घटना के बारे में बताने पर जान से मारने की धमकी थी। अपने बयान में उसके कहा कि पार्क से बाहर निकलने के बाद उसके दोस्त ने पुलिस को फोन किया था।