बालोद। जिले के मरदेल गांव में आबादी से करीब 500 मीटर की दूरी पर भालू छोड़े जाने की जानकारी के बाद ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। सोमवार देर रात बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे और वन विभाग की तीन गाड़ियों को रोककर नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने कहा कि बस्ती के नजदीक भालू छोड़े जाने से लोगों की सुरक्षा को लेकर खतरा पैदा हो सकता है। बताया गया कि रानीमाई जंगल में एक अस्वस्थ भालू मिला था, जिसे वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर उपचार के लिए रायपुर के जंगल सफारी भेजा था। इलाज के बाद स्वस्थ होने पर सोमवार रात उसे मरदेल गांव के पास जंगल क्षेत्र में छोड़ने के लिए टीम पहुंची थी।
भालू को आबादी के करीब छोड़े जाने की खबर मिलते ही ग्रामीण मौके पर जुट गए। जनपद सदस्य तुलेश्वर हिचामी ने भी पहुंचकर ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग के अधिकारियों के सामने चिंता रखी। इसके बाद वन विभाग के एसडीओ किशोरी साहू देर रात मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से चर्चा की। उन्होंने लिखित आश्वासन दिया कि मंगलवार को पिंजरा लगाकर भालू को पकड़ा जाएगा और उसे किसी दूसरे सुरक्षित स्थान पर ले जाया जाएगा। वहीं, सुरक्षा के मद्देनजर गांव में रात के समय पांच वनकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो भालू की गतिविधियों पर नजर रखेंगे। विभाग ने ग्रामीणों से जंगल की ओर अनावश्यक रूप से नहीं जाने और भालू की मौजूदगी को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की है।
