दुर्ग। बिजली के स्मार्ट मीटर लगाए जाने के फैसले को लेकर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक अरुण वोरा ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर के नाम पर आम उपभोक्ताओं की जेब पर किसी भी तरह का अतिरिक्त बोझ डालने की कोशिश कांग्रेस किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। एक कार्यक्रम के दौरान जब अरुण वोरा आम लोगों के बीच पहुंचे तो कई बिजली उपभोक्ताओं ने उन्हें रास्ते में रोककर स्मार्ट मीटर को लेकर अपनी परेशानियां बताईं। लोगों ने वोरा से कहा कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली के बढ़ते बिलों को लेकर वे चिंतित हैं और उन्हें समझ नहीं आ रहा कि आखिर बिजली की खपत के अनुरूप बिल इतना अधिक क्यों आ रहा है। उपभोक्ताओं ने अपनी समस्या रखते हुए अरुण वोरा से कहा कि “आप हमारी आवाज सरकार तक पहुंचाइए और हमारी समस्या का निराकरण कराइए।”
जनता की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अरुण वोरा ने कहा कि उपभोक्ताओं की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि बिजली बिल आम परिवार के मासिक बजट का महत्वपूर्ण हिस्सा है और यदि स्मार्ट मीटर को लेकर बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं में असंतोष और आशंका है, तो सरकार को इसका जवाब देना चाहिए। अरुण वोरा ने कहा कि पहले ही महंगाई की मार झेल रही जनता को अब बिजली के मीटर बदलने के नाम पर नई व्यवस्था में धकेला जा रहा है। सरकार को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि स्मार्ट मीटर से आम उपभोक्ताओं को वास्तविक लाभ क्या मिलेगा और उनकी बिजली खपत एवं बिलिंग व्यवस्था किस तरह प्रभावित होगी।
उन्होंने कहा कि सरकार योजनाओं के नाम पर बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन यदि इन योजनाओं का आर्थिक भार आम जनता की जेब पर पड़ता है तो इसका विरोध होना स्वाभाविक है। बिजली हर परिवार की मूलभूत आवश्यकता है, इसे ऐसी व्यवस्था में नहीं बदला जाना चाहिए जिससे गरीब, मध्यमवर्गीय और छोटे उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़े। वोरा ने कहा कि यदि स्मार्ट मीटर के माध्यम से उपभोक्ताओं पर किसी भी तरह का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है, बिलिंग व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी रहती है या लोगों की शिकायतों का समय पर निराकरण नहीं होता, तो कांग्रेस सड़क से लेकर जनमंच तक इसका पुरजोर विरोध करेगी।
उन्होंने कहा, “जनता को सस्ती, निर्बाध और पारदर्शी बिजली चाहिए। सरकार को जनता की आशंकाओं और हितों को दरकिनार कर कोई व्यवस्था थोपने के बजाय पहले उपभोक्ताओं को पूरी जानकारी और भरोसा देना चाहिए।” अरुण वोरा ने सरकार से मांग की कि स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया, बिलिंग प्रणाली और उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए। साथ ही उपभोक्ताओं की आपत्तियों और सुझावों को गंभीरता से सुना जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी परिस्थिति में बिजली उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान जनता द्वारा सीधे अपनी समस्या बताना इस बात का संकेत है कि स्मार्ट मीटर और बढ़ते बिजली बिलों को लेकर उपभोक्ताओं के मन में गंभीर चिंताएं हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनता की इस समस्या को कांग्रेस मजबूती से उठाएगी और उपभोक्ताओं के हित में हर संभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जनता की जेब और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े किसी भी फैसले को कांग्रेस चुपचाप स्वीकार नहीं करेगी। जरूरत पड़ी तो उपभोक्ताओं के हित में व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।
