ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: ईरानी राष्ट्रपति की बेटी जहरा पेजेश्कियान ने दिल्ली में ब्रिक्स बाजार

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नई दिल्ली । ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की बेटी जहरा पेजेश्कियान ने अपने पति हसन मजीदी के साथ नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय और हस्तकला अकादमी में आयोजित ब्रिक्स बाजार का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ब्रिक्स के सदस्य और सहयोगी देशों की कला, हस्तशिल्प, वस्त्र तथा सांस्कृतिक विरासत से जुड़े प्रदर्शनों को देखा। भारत स्थित ईरानी दूतावास के आधिकारिक सामाजिक माध्यम खाते से जहरा पेजेश्कियान के दौरे की जानकारी साझा की गई। दूतावास की ओर से जारी वीडियो में जहरा काले अबाया में वस्त्र और हस्तशिल्प की प्रदर्शनी देखती नजर आईं। उन्होंने ‘ब्रिक्स इंडिया 2026 की पृष्ठभूमि के सामने भारतीय प्रतिनिधियों के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं।

ईरानी दूतावास ने अपने संदेश में बताया कि जहरा पेजेश्कियान ने अपने पति हसन मजीदी के साथ राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय में ब्रिक्स बाजार का दौरा किया और ब्रिक्स के सदस्य तथा सहयोगी देशों की ओर से प्रदर्शित कला, शिल्प और सांस्कृतिक विरासत को देखा। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने भी जहरा पेजेश्कियान के दौरे की तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने ब्रिक्स बाजार में ईरानी राष्ट्रपति की बेटी का स्वागत किया और उन्हें विभिन्न देशों की समृद्ध परंपराओं, कला, शिल्प और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया।

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अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि नई दिल्ली के राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय में ब्रिक्स बाजार में जहरा पेजेश्कियान का स्वागत करना उनके लिए खुशी की बात रही। उन्होंने जहरा को बाजार का भ्रमण कराया और ब्रिक्स के सदस्य तथा सहयोगी देशों की सांस्कृतिक विविधता से उन्हें अवगत कराया।नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय और हस्तकला अकादमी में 10 से 15 सितंबर तक ब्रिक्स बाजार का आयोजन किया जा रहा है। यह बाजार पारंपरिक हस्तशिल्प और सांस्कृतिक विरासत को ब्रिक्स कार्यक्रमों के केंद्र में रखने की पहल है।

प्रदर्शनी में भाग लेने वाले देशों की विशिष्ट सांस्कृतिक परंपराओं को दर्शाने वाले विभिन्न प्रकार के वस्त्र और हस्तशिल्प प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें बुनी हुई धारियां, इकत डिजाइन, ब्रोकेड और जेक्वार्ड का काम तथा छपे और रंगे हुए सूती एवं रेशमी कपड़े शामिल हैं।ब्रिक्स बाजार में भारत, ईरान, चीन, ब्राजील, बोलीविया, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, कजाकिस्तान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, थाईलैंड, संयुक्त अरब अमीरात, उज्बेकिस्तान, क्यूबा, बेलारूस, मलेशिया, नाइजीरिया, युगांडा और वियतनाम का प्रतिनिधित्व करने वाले स्टॉल लगाए गए हैं। इसके अलावा अन्य सदस्य और सहयोगी देशों के प्रदर्शन भी यहां देखने को मिल रहे हैं।

ईरान का स्टॉल भी बाजार के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है। इसमें बड़े वस्त्र प्रदर्शन के माध्यम से ईरान की बुनाई, छपाई और रंगाई की विभिन्न क्षेत्रीय परंपराओं को एक साथ प्रदर्शित किया गया है।18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के कार्यक्रमों के तहत भारत के विदेश मंत्रालय और कपड़ा मंत्रालय की ओर से संयुक्त रूप से ब्रिक्स बाजार का आयोजन किया गया है। बाजार की थीम ‘संस्कृतियों को संवारना, लोगों को जोडऩा रखी गई है।

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इस पहल का उद्देश्य ब्रिक्स सदस्य और सहयोगी देशों की सांस्कृतिक विविधता, पारंपरिक शिल्प और वस्त्र परंपराओं को एक मंच पर लाना है। बाजार के माध्यम से विभिन्न देशों के कारीगरों और उनकी सदियों पुरानी हस्तशिल्प परंपराओं को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।ब्रिक्स बाजार आम आगंतुकों के लिए प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक खुला है।