ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: शी जिनपिंग बोले-ईरान युद्ध से क्षेत्र के लोगों को भारी नुकसान हुआ

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नई दिल्ली । ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मध्य पूर्व और खाड़ी क्षेत्र में जारी युद्ध को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस युद्ध से पूरे क्षेत्र के लोगों को भारी नुकसान हो रहा है और यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साझा हितों की पूर्ति नहीं करता। उन्होंने ब्रिक्स देशों से शांति और स्थिरता बनाए रखने में अग्रणी भूमिका निभाने का आग्रह किया।

राष्ट्रपति जिनपिंग ने कहा कि मध्य पूर्व और खाड़ी क्षेत्र की परिस्थितियां लगातार बदल रही हैं। ऐसे में क्षेत्र में जारी युद्ध का सबसे अधिक नुकसान वहां के लोगों को उठाना पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साझा हितों के भी खिलाफ है। उन्होंने वैश्विक शांति और सुरक्षा को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच सहयोग मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। जिनपिंग ने कहा कि ब्रिक्स सहयोग तंत्र उभरते बाजारों और विकासशील देशों के बीच सहयोग के लिए दुनिया का सबसे प्रभावशाली मंच बन चुका है। ऐसे में ब्रिक्स देशों को वैश्विक शांति, स्थिरता और सुरक्षा को बढ़ावा देने में अपनी भूमिका और अधिक प्रभावी ढंग से निभानी चाहिए।

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग करीब सात साल बाद भारत दौरे पर आए हैं। गलवान घाटी में वर्ष 2020 में हुई हिंसक झड़प के बाद भारत और चीन के संबंधों में तनाव पैदा हुआ था। सीमा विवाद, सीमा व्यापार और दोनों देशों से जुड़े अन्य संवेदनशील मुद्दों के मद्देनजर जिनपिंग का भारत दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए नई दिल्ली पहुंचे जिनपिंग सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक भी करेंगे। दोनों नेताओं की बैठक को भारत-चीन संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

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प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति जिनपिंग की बैठक से पहले भारत में चीन के राजदूत जू फीहोंग ने दोनों देशों के संबंधों को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि चीन, प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति जिनपिंग के मार्गदर्शन में भारत के साथ मिलकर काम करेगा और दोनों देशों के बीच मौजूद मतभेदों को सुलझाएगा। भारत और चीन के बीच पिछले कुछ वर्षों से सीमा विवाद को लेकर तनाव रहा है। हालांकि, हाल के समय में दोनों पक्षों ने संबंधों में सुधार और सीमा पर स्थिति को सामान्य बनाने की दिशा में कदम उठाए हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग की बैठक से दोनों देशों के बीच संवाद और सहयोग को आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर नजर बनी हुई है।