कवर्धा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशानुसार 12 सितम्बर 2026 को छत्तीसगढ़ राज्य में तालुका न्यायालय के स्तर से लेकर उच्च न्यायालय तक सभी न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत आयोजित किया गया। माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीशध्अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में जिला मुख्यालय कबीरधाम एवं तहसील न्यायालय पण्डरिया में नेशनल लोक अदालत आयोजित किया गया।
नेशनल लोक अदालत को यादगार बनाने हेतु जिला न्यायालय के प्रवेश द्वार पर सेल्फी प्वाइंट बनाया गया था, जिसमे पक्षकार अपनी मनमोहक फोटो तस्वीरों के माध्यम से जीवंत रख रहे थे। उक्त लोक अदालत में जिले में कुल 12 खण्डपीठ गठित किया गया था, जिसमें से 11 खण्डपीठ जिला मुख्यालय कबीरधाम तथा 01 खण्डपीठ व्यवहार न्यायालय पण्डरिया में गठित की गई थी। जिसमें राजीनामा योग्य समस्त दाण्डिक मामले, चेक बाउन्स के प्रकरण, समस्त प्रकार के व्यवहार वाद प्रकरण, मोटर दुर्घटना से उत्पन्न दावा प्रकरण, कुटुम्ब न्यायालय में लंबित वैवाहिक विवाद से संबंधित प्रकरण, इसके साथ ही प्री-लिटिगेशन (मुकदमा पूर्व वाद प्रकरण) यथा बिजली बिल, दूरभाष, बैंक लोन, जल कर से संबंधित प्रकरण रखे गये थे।
उल्लेखनीय है कि, नेशनल लोक अदालत के खण्डपीठ क्रमांक 01 में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कबीरधाम कु संघरत्ना भतपहरी द्वारा मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण में कुल 5225000 रूपये का अवार्ड राशि पारित किया गया। खण्डपीठ क्रमांक 02 में परिवार न्यायालय कबीरधाम में पीठासीन अधिकारी प्रवीण कुमार प्रधान, द्वारा परिवार न्यायालय में वैवाहिक विवाद से संबंधित प्रकरण में कुल 25 प्रकरणों में 161700 रूपये का निराकरण करते हुए वैवाहिक संबंधों में मधुरता स्थापित करते हुए सुखद दाम्पत्य का पुर्नस्थापन किया गया।
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खण्डपीठ क्रमांक 03 में पीठासीन अधिकारी योगिता विनय वासनिक द्वारा विद्युत प्रकरण में कुल 247727 रूपये राशि का वसूली करते हुए प्रकरण का निराकरण किया गया। इसी अनुक्रम में राजस्व न्यायालय में कुल 22932 लंबित प्रकरणों का निराकरण किया गया। इस प्रकार जिला कबीरधाम अंतर्गत परिवार न्यायालय, कबीरधाम में उक्त लोक अदालत में नगर पालिका कबीरधाम द्वारा जलकर तथा अन्य कर से संबंधित मामलों में 221 .प्रकरण में 138689 रूपये की वसूली की गई। इस प्रकार लोक अदालत में कुल 28953 लंबित प्रकरण में कुल 7260583 रूपये का निराकरण किया गया।
