रेबीज वैक्सीन ‘अभयरैब’ का संदिग्ध बैच मिलने से हड़कंप, DCGI ने जारी किया अलर्ट; कंपनी बोली- नकली शीशियां बना रहे जालसाज

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नई दिल्ली। भारत के राष्ट्रीय दवा नियामक ने देश भर में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने वाली प्रमुख रेबीज रोधी वैक्सीन ‘अभयरैब’ (Abhayrab) के एक बैच को लैब जांच में घटिया और संभावित रूप से नकली (स्प्यूरियस) पाए जाने के बाद सख्त अलर्ट जारी किया है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की कसौली स्थित प्रयोगशाला में हुए परीक्षण के दौरान इस वैक्सीन का एक फील्ड सैंपल मानकों पर पूरी तरह खरा नहीं उतरा और इसकी पोटेंसी आवश्यक स्तर से कम पाई गई। इसके बाद ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) राजीव सिंह रघुवंशी ने सभी राज्यों के दवा नियामकों को पत्र लिखकर इस विशेष बैच की आवाजाही और वितरण पर कड़ी निगरानी रखने तथा तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

कसौली लैब जांच में 17 खामियां, मिसब्रांडेड घोषित
सीडीएससीओ की कसौली प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट में सैंपल को ‘मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं’ और ‘मिसब्रांडेड’ श्रेणी में रखा गया है। लैब ने जब जब्त किए गए सैंपल का मिलान वैक्सीन निर्माता ‘इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स लिमिटेड’ (IIL) द्वारा पहले जमा किए गए वास्तविक रेफरेंस सैंपल से किया, तो दोनों में कई गंभीर अंतर पाए गए। जांच में लेबलिंग, आर्टवर्क, क्यूआर-कोड वेरिफिकेशन, शीशी के ढक्कन का रंग, लाइसेंस विवरण और पैकेजिंग की लिखावट समेत कुल 17 तरह की बड़ी विसंगतियां सामने आईं, जिससे साफ हो गया कि बाजार में नकली वैक्सीन का खेल चल रहा था।

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कंपनी का दावा: अनधिकृत ठिकाने से पकड़ी गईं नकली शीशियां
मामले पर सफाई देते हुए सरकारी उपक्रम इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स लिमिटेड (IIL) ने स्पष्ट किया कि जिस बैच (KE25012) की जांच की गई, उसके सैंपल दिल्ली के मुखर्जी नगर स्थित एक अवैध रिहायशी ठिकाने से जब्त किए गए थे। कंपनी ने कहा कि लैब रिपोर्ट में दर्ज 17 विसंगतियां इस बात का ठोस सबूत हैं कि ये नकली शीशियां उनके प्लांट में तैयार नहीं किए गए हैं। कंपनी के अनुसार, असली बैच KE25012 को केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला द्वारा पूरी जांच के बाद नवंबर 2025 में रिलीज सर्टिफिकेट दिया गया था और इसके 83,370 शीशियां केवल अधिकृत वितरकों के माध्यम से ही सप्लाई किए गए थे, जिन पर अब तक कोई शिकायत नहीं आई है।

दिल्ली पुलिस ने 4 आरोपियों को दबोचा, अस्पतालों की सप्लाई सुरक्षित
कंपनी ने भरोसा दिलाया है कि अस्पतालों, सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों और पंजीकृत मेडिकल स्टोर्स पर अधिकृत सप्लाई चेन के जरिए पहुंचने वाली वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और इस मामले से अप्रभावित है। कंपनी ने अपने सभी निर्माण व वितरण दस्तावेज नियामक को सौंप दिए हैं और नकली वैक्सीन बनाने वाले सिंडिकेट की तह तक जाने की मांग की है। वहीं, दिल्ली पुलिस ने इस सनसनीखेज फर्जीवाड़े में कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। सीडीएससीओ ने स्पष्ट किया है कि इस प्रभावित बैच का कोई भी हिस्सा विदेश निर्यात नहीं किया गया है और मामले में गहन कानूनी जांच जारी है।